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उत्तराखंड : सड़कों को परिवहन विभाग की नहीं मिली स्वीकृति फिर भी धड़ल्ले से दौड़ रहे वाहन !

जहां सड़कें सुविधा से अधिक दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं वहीं दुर्घटनाओं के बाद वाहन स्वामियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

By इंडिया वॉइस 
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गोपेश्वर, 13 अक्टूबर। चमोली जिले में कई ऐसी सड़कें है, जिन पर खामियों के चलते अभी तक परिवहन विभाग ने वाहनों के संचालन की स्वीकृति नहीं दी है। इनको लेकर जन प्रतिनिधियों की ओर से गाहे-बगाहे अपनी पीठ थपथपाई जाती है, लेकिन सड़कों पर सुरक्षा को लेकर आलम यह है कि जिले में लोक निर्माण  विभाग की 68.76 किमी और पीएमजीएसवाई की 160.903 किमी सड़कों को निर्माण के बाद खामियों के चलते परिवहन विभाग की ओर से वाहनों के संचालन की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है।

ऐसे में जहां सड़कें सुविधा से अधिक दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं वहीं दुर्घटनाओं के बाद वाहन स्वामियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन लोक निर्माण विभाग, प्रशासन और जन प्रतिनिधि मामले में लापरवाह बने हुए हैं। नियमों के अनुसार सड़क निर्माण के बाद परिवहन विभाग और निर्माणदायी संस्था के संयुक्त निरीक्षण के बाद सड़कों पर वाहनों के संचालन की अनुमति प्रदान की जाती है।

लेकिन जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही के चलते कई सड़कों पर बिना अनुमति वाहनों का संचालन हो रहा है। आलम ये है कि बदरीनाथ हाईवे के वैकल्पिक मार्ग नंदप्रयाग-चमोली वाया सावरीसैंण सड़क पर जहां हाईवे बाधित होने पर यात्रा मार्ग की भांति उपयोग किया जाता है वहीं सड़क पर वाहनों के संचालन की अनुमति अभी तक नहीं मिल सकी है।

ऐसे ही हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के लिए निर्मित गोविंदघाट-पुलना सड़क पर भी वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं है। ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन, परिवहन विभाग और संबंधित विभागों की गंभीरता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

इन सड़कों पर हो रहा बिना अनुमति के वाहनों का संचालन

चमोली जिले में नंदप्रयाग-देवखाल, सलूड़ डुंगा, सलूड़- डुंग्रा सड़क से सेलंग, गोविन्दघाट-पुलना, लीसा फैक्टी सड़क गोपेश्वर, घिंघराण-डुंग्री, गोपेश्वर-घिंघराण सड़क से नैल कुड़ाव सड़क, अवेंडकर ग्राम झेलम सड़क, मंडल-कांडई, पलसारी-बमियाला, जोशीमठ-परसारी, घुड़साल सपंर्क मार्ग।

पीएमजीएसवाई के तहत, पीपलकोटी-मठ-झठेता, सैंजी लग्गा कुजौं मैकोट, उडामांडा-रौता, सरमोला-रानौ, पलसारी-बमियाला स्टेज 2, बछेर टेडा खंसाल स्टेज 2, कनकचैरी-पोगठा, अपर चमोली-खैनुरी, बरचक-सैंजी, पीपलकोटी-सल्ला-रैतोली, चमोली-पलेठी, पोखरी-गोपेश्वर अपग्रेडेशन, खन्ना-पैंणी-कुजासू, लासी-सरतोली, गडोरा से चैतुली किरूली सड़कों को वर्तमान तक परिवहन विभाग से वाहन संचालन की अनुमति नहीं मिली है।

जबकि इन सभी सड़कों पर धड़ल्ले से वाहनों का संचालन किया जा रहा है। कई सड़कें एक विभाग से दूसरे विभाग को भी हस्तांतरित कर दी गई हैं। जिले में निर्मित कुछ सड़कों का संयुक्त निरीक्षण कर संबंधित विभागों को खामियों को दूर करने के निर्देश दिये गये हैं। जबकि कुछ सड़कों को वाहन संचालन की अनुमति के लिये विभागों की ओर से आवेदन ही नहीं किया गया है। मामले में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है।

 

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