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वसुंधरा राजे का राजस्थान सरकार पर वार, कहा- राजस्थान में अपराधियों के हौसले बुलंद

अलवर सांसद बाबा बालकनाथ ने एक बार फिर गहलोत सरकार को तालीबानी बताया

By इंडिया वॉइस 
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जयपुर : अलवर जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में पीट-पीटकर एक युवक की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंगलवार को कहा कि राजस्थान में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। वहीं अलवर सांसद बाबा बालकनाथ ने एक बार फिर गहलोत सरकार को तालीबानी बताया। उन्होंने कहा कि इसी कारण बड़ौदामेव में याेगेश जैसे चिरागों को बुझा दिया जाता है।

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पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर कहा कि अलवर जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में पीट-पीटकर युवक की हत्या जंगलराज का उदाहरण ही तो है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की। उन्होंने मांग की है कि मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर विचार किया जाए।

अलवर सांसद बाबा बालकनाथ ने आरोप लगाए कि राजस्थान सरकार की नाक के तले, गरीब युवाओं को सरेआम मौत के घाट उतारा जा रहा है। हिंसा और कत्लेआम का मंजर राजस्थान में हर जगह देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अलवर के बडौदामेव की घटना ने अंदर तक झकझोर दिया है। यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अनेक कत्ल हो चुके हैं। आज एक बार फिर दलित परिवार अपने घर के चिराग को खो चुका है और संवेदनहीन सरकार तालीबानी हुक्मरानों की तरफ चुप्पी साधे है। सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।

उधर, बड़ौदामेव की घटना के बाद पुलिस अधीक्षक एसपी तेजस्विनी गौतम ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया। उन्होंने प्रथम दृष्टया इस घटना को मॉब लिंचिंग मानने से इनकार किया है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से कहा कि उनकी मांगे दस दिन में पूरी होनी चाहिए। लोगों ने मांगे नहीं माने जाने पर बड़ेआंदोलन की चेतावनी दी। परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को नौकरी देने के अलावा आरोपितों की गिरफ्तारी करने की प्रमुख मांगे है। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपित जल्दी गिरफ्तार होंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

घटना के अनुसार 15 सितंबर को भटपुरा निवासी योगेश (पुत्र ओमप्रकाश) बाइक से गांव की तरफ जा रहा था। मीना का बास के पास एक गड्ढे को बचाते समय उसकी बाइक एक महिला से टकरा गई। इसके बाद समुदाय विशेष की भीड़ ने रास्ता रोक लिया और उसकी जमकर पिटाई की। भीड़ ने उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि वह कोमा में चला गया। जयपुर में तीन दिन इलाज के बाद शनिवार को उसकी मौत हो गई। रविवार को ग्रामीणों ने बडौदामेव में अलवर-भरतपुर रोड पर दोपहर करीब 3 से शाम 6 बजे तक शव रखकर विरोध जताया। इस मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। लोगों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। तब प्रशासन के समझाने के बाद आंदोलन खत्म कर शव का अंतिम संस्कार किया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट कहा है कि उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ है। आरोपितों को पुलिस तुरंत गिरफ्तार करे और जेल में डाले। परिवार के भरण पोषण के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की गई है। इस घटना में दोनों पक्षों की तरफ से मामला दर्ज हुआ है। दूसरे पक्ष ने भी योगेश के खिलाफ एक्सीडेंट का मामला दर्ज कराया है।

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