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IIT कानपुर के स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के लिए दो पूर्व छात्रों ने दिए 18 करोड़ रु., चिकित्सा क्षेत्र में आएगी क्रांति, पढ़ें…

स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के लिए IIT कानपुर के पूर्व छात्र डॉ. देव जोनेजा ने 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर और हेमंत जालान ने 18 करोड़ भारतीय रु. का दान दिया।

By इंडिया वॉइस 
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कानपुर, 17 दिसंबर। IIT कानपुर में बनने वाले मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नालॉजी (SMRT) को आर्थिक मदद देने के लिए पूर्व छात्र बराबर आगे आ रहे हैं। इसी के तहत दो पूर्व छात्र डॉ. देव जोनेजा और हेमंत जालान ने 25 लाख अमेरिकी डॉलर और 18 करोड़ रुपये का दान दिया है। स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (SMRT) का उद्देश्य चिकित्सा और प्रौद्योगिकी विषयों के बीच की खाई को पाटकर भारत में चिकित्सा शिक्षा में क्रांति लाना है। IIT कानपुर परिसर में ही इसका निर्माण हो रहा है। इसके लिए IIT और पूर्व दोनों छात्रों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

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डॉ. देव जोनेजा ने 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर और हेमंत जालान ने 18 करोड़ भारतीय रु. का दान दिया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (SMRT) की स्थापना कर रहा है। इसमें पूर्व छात्र IIT को अपना परिवार मानकर बराबर सहयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में दो और पूर्व छात्रों डॉ देव जोनेजा और हेमंत जालान के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। IIT के पूर्व छात्र डॉ. देव जोनेजा ने ‘टेरी मुसोन और देव जोनेजा गिफ्ट’ के रूप में 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि दान की, जबकि हेमंत जालान ने स्कूल के लिए बुनियादी ढांचे के विकास का समर्थन करने के लिए 18 करोड़ भारतीय रुपये का दान दिया। दोनों विशिष्ट पूर्व छात्र अब संस्थापक दाताओं के रूप में SMRT के सलाहकार बोर्ड में शामिल होंगे।

IIT के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि हमें अपने पूर्व छात्रों और उनके काम पर गर्व है, वो हमारी शक्ति और महिमा के स्तंभ हैं। हम डॉ. देव जोनेजा, हेमंत जालान और उनके परिवारों को भारत में चिकित्सा शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में इस महान यात्रा का हिस्सा बनने और SMRT में उनके उदार और निस्वार्थ योगदान के लिए धन्यवाद देते हैं।

चिकित्सा शिक्षा में क्रांति आएगी

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निदेशक करंदीकर ने बताया कि SMRT आईआईटी कानपुर की एक अनोखी पहल है। जिसका उद्देश्य चिकित्सा और प्रौद्योगिकी विषयों के बीच अंतर को कम करके भारत में चिकित्सा शिक्षा में क्रांति लाना है। परियोजना के पहले चरण में 500 बेड के सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार की दिशा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COI) की स्थापना शामिल होगी।

SMRT पर बोले पूर्व छात्र

डॉ. देव जोनेजा ने कहा– स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (SMRT) पहल चिकित्सा अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार में एक नई दिशा के साथ प्रौद्योगिकी में IIT की स्थापित मुख्य ताकत का एक बड़ा संयोजन है। जोनेजा ने कहा कि मेरी पत्नी टेरी और मुझे पूरा विश्वास है कि संस्थान और इसका नेतृत्व महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को पूरा करेगा।

हेमंत जालान ने कहा– अधिकतर IIT कानपुर के पूर्व छात्र जीवन में अपनी सफलता का श्रेय IIT कानपुर में बिताए सालों को देते हैं और ये मुझ पर भी लागू होता है। मैं हमेशा संस्थान को सार्थक तरीके से अपना योगदान (गुरुदक्षिणा) देना चाहता था। SMRT की अवधारणा ने मुझे बहुत आकर्षित किया। मुझे उम्मीद है कि स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी पहल वैज्ञानिक समुदाय के भीतर IIT कानपुर के कद को ऊपर उठाएगी और एक संस्थापक के रूप में इस परियोजना से जुड़कर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

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