1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. केंद्र ने जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर लगाया प्रतिबन्ध

केंद्र ने जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर लगाया प्रतिबन्ध

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यूएपीए की धारा 3(1) की प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हए केंद्र ने आईआरएफ को एक गैरकानूनी संगठन के रूप में घोषित किया है।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

नई दिल्ली, 20 दिसंबर : जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को गैरकानूनी संगठन घोषित करने की केंद्र की मांग पर दिल्ली हाई कोर्ट की यूएपीए ट्रिब्यूनल ने नोटिस जारी किया है। इस पर अगली सुनवाई 28 दिसंबर को होगी।

पढ़ें :- Shraddha murder case: आफताब का नार्को टेस्ट हुआ खत्म, हत्या की बात कबूलने से लेकर खोले कई राज

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यूएपीए की धारा 3(1) की प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हए केंद्र ने आईआरएफ को एक गैरकानूनी संगठन के रूप में घोषित किया है। केंद्र सरकार का ऐसा मानना है कि आईआरएफ और उसके सदस्य विशेष रूप से इस फाउंडेशन का संस्थापक और अध्यक्ष जाकिर नाइक अपने अनुयायियों को विभिन्न धार्मिक समुदायों और समूहों के बीच नफरत फैलाने का काम करता है। जाकिर नाइक ने टीवी नेटवर्क, प्रिंट और सोशल मीडिया के जरिये दुनियाभर में लाखों लोगों के सामने कट्टरपंथी बयान और भाषण दिए हैं।

केंद्र का मानना है कि अगर आईआरएफ की गैरकानूनी गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और इसे तुरंत नियंत्रित नहीं किया गया तो वह लोगों के मन में सांप्रदायिक भावना पैदा कर लोगों को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को भंग करने के लिए उकसाने का काम करेगा। इससे देशविरोधी भावनाओं का प्रचार होगा। उल्लेखनीय है कि यूएपीए एक्ट के तहत इसकी पुष्टि ट्रिब्यूनल से करवाना जरूरी है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...