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संयुक्त किसान मोर्चा की हुई महापंचायत, उठाई गईं 6 नई मांगे

किसान संगठनों ने साफ़ कर दिया है कि कि जब तक सरकार पूरी तरह से तीनों कृषि बिल को वापस नहीं ले लेती तब तक किसान वापस नहीं जायेंगे।

By इंडिया वॉइस 
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उत्तर प्रदेश, 22 नवंबर : तीन कृषि कानूनों का मुद्दा अब भी शांत होने का नाम नहीं ले रहा। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस (Farm laws Repealed) लिए जाने के फैसले के बाद आज किसान संगठनों ने लखनऊ में महापंचायत का आयोजन किया है। जिसमें करीब 200 किसान संगठनों के पहुँचने की उम्मीद जताई जा रही है।

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फिलहाल किसानों की यह बैठक सुबह दस बजे से लखनऊ के ईको गार्डन में शुरू हो चुकी है। आपको बता दें कि माहपंचायत के आयोजन को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर MSP पर गारंटी के कानून के लिए सभी किसानों से इस माहपंचायत में जुटने की अपील की थी।

 

पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर उठाई कुल 6 मांगे 

वहीं इससे पहले रविवार को सयुंक्त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर 6 मांगे उठाई थीं जिसे लेकर आज लखनऊ में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री को लिखे अपने खत में ‘संयुक्त किसान मोर्चा‘ (SKM) ने लिखा है कि नए कृषि कानूनों को रद्द करना इस आंदोलन की एकमात्र मांग नहीं थी।

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बल्कि केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत के दौरान हमने शुरू से ही 3 मांगे उठाई हैं। हालाँकि इस खत में किसान संगठनों ने तीन और नईं मांगे जोड़ दी हैं। वहीं अब कुल 6 मांगे पूरी करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को खत लिखा है। इसके आलावा किसान संगठनों ने साफ़ कर दिया है कि कि जब तक सरकार पूरी तरह से तीनों कृषि बिल को वापस नहीं ले लेती तब तक किसान वापस नहीं जायेंगे।

 

किसानों की वह 6 मांगे

1. किसानों ने साफ़ किया है कि MSP पर कानून बनाया जाए, ताकि सभी किसानों को अपनी फसल पर कम से कम ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ पर खरीद की गारंटी मिल सके।

2.. विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक 2020-21 के ड्राफ्ट को भी केंद्र सरकार वापस लें।

3. किसानों की ओर से तीसरी मांग है राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और साथ ही इससे जुड़े क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम 2021 में किसानों को सजा देने के प्रावधान हटाए जाएं।

4. किसानों की मांग है कि किसान आंदोलन के दौरान 2020 से अब तक सैकड़ों किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को सरकार वापस ले।

5. केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग।

6. किसानों की अंतिम मांग है कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मृत्यु हुई उनके परिवारों को मुआवजा और उनके लिए पुनर्वास की व्यवस्था की जाय।

 

किसान महापंचायत का एजेंडा ?

किसान संगठनों द्वारा लखनऊ में आयोजित आज की महापंचायत MSP की गारंटी के कानून की मांग को लेकर बुलाई गई है। किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा कि सरकार जिन कृषि सुधारों की बात कर रही है, वो नकली और बनावटी है। किसान नेताओं का कहना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून बनाना ही सबसे बड़ा सुधार होगा।

 

देखें कृषि बिल पीएम मोदी ने क्या कहा।

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