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जानें किन शूरवीरों ने भारतीय स्वतंत्रता के लिए लूटा था ब्रिटिश सरकार का खाजना? पढ़ें आगे

आज में इतिहास में जानें किस तरह देश के क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता के लिए लूटा था ब्रिटिश सरकार का खजाना?

By इंडिया वॉइस 
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यह तिथि भी पवित्र हो गईः इतिहास में ऐसा कुछ खास होता है, जिसके कारण किसी दिन अथवा तारीख को भी विशेष तौर पर याद किया जाता है। ऐसी ही तिथि 19 दिसंबर,1927 की है। उस दिन भारत मां के तीन लाडले फांसी पर चढ़ा दिए गए। विदेशी सरकार ने एक ही आरोप में इन तीनों सपूतों को तीन अलग-अलग जेलों में फांसी के फंदे पर लटकाया। पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां वारसी हसरत एवं ठाकुर रोशन सिंह को क्रमश: गोरखपुर जिला जेल, फैजाबाद जिला जेल एवं मलाका जेल इलाहाबाद में फांसी की सजा दी गई।

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मामला कुछ ऐसा था कि 9 अगस्त 1925 की रात 8.40 बजे सिर पर कफन बांधे 10 क्रांतिकारियों ने सहारनपुर से लखनऊ जाने वाली आठ डाउन पैसेंजर ट्रेन से ले जाये जा रहे सरकारी खजाने को देश के काम के लिए लूट लिया।

लखनऊ से कुछ दूर काकोरी और आलमनगर के बीच की इस घटना को काकोरी कांड के नाम से जाना जाता है। इन क्रांतिकारियों में हिन्दुस्तान रिपब्लिकन आर्मी के सेनापति प.राम प्रसाद बिस्मिल के साथ क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, अशफाकउल्ला खां, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, शचीन्द्र नाथ बख्शी, मन्मथ नाथ गुप्त, मुकुन्दीलाल, केशव चक्रवर्ती, मुरारी लाल शर्मा एव बनवारी लाल चतुर्दिक थे।

क्रांतिकारियों ने लूट के दौरान किसी यात्री, ड्राइवर एवं गार्ड को नुकसान नहीं पहुंचाया। अंग्रेजी पुलिस और प्रशासन ने क्रांतिकारियों को ढूंढने में पूरी ताकत लगा दी। जो चार रणबांकुरे अंग्रेजों की गिरफ्त में आए, उनमें से पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां वारसी हसरत एवं ठाकुर रोशन सिंह को फांसी देने से दो दिन पहले राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को गोंडा जिला जेल में 17 दिसंबर 1927 को फांसी पर लटका दिया गया था।

गोवा को कराया आजाद: 19 दिसंबर, 1961 को देश के इतिहास में एक और बड़ी घटना हुई। उस दिन भारतीय सेना ने गोवा को उसके निवासियों की इच्छा के अनुरूप 450 साल के पुर्तगाली साम्राज्य से आजाद करा लिया। उस साल 18 दिसंबर को ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत भारतीय सैनिकों ने गोवा में प्रवेश किया और अगले ही दिन 19 दिसंबर को पुर्तगाली सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया।

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अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं:

1842 : हवाई अमेरिका का प्रांत बना।

1931: जोसफ ए लियोंस आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री बने।

1932 : ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कोर (बीबीसी) ने देश से बाहर भी प्रसारण शुरू किया।

1934: प्रतिभा पाटिल का जन्म। वे बाद में भारत की 12वीं राष्ट्रपति बनीं।

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1941 : एडोल्फ हिटलर ने जर्मन सेना की कमान संभाली।

1950 : चीन के हमले के बीच आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने भारत में शरण ली।

1983 : रियो द जेनेरियो स्थित ब्राजील के फुटबॉल फेडरेशन मुख्यालय से ओरिजनल फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी, द जुल्स रिमेट ट्रॉफी चोरी।

1984 : हांगकांग चीन को वापस 1997 में सौंपने के लिए संयुक्त घोषणा पत्र पर चीन के प्रधानमंत्री जाओ जियांग और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थैचर के हस्ताक्षर।

2007 : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को टाइम पत्रिका का ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ सम्मान।

2012 : पार्क ग्युन हे दक्षिण कोरिया की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं।

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2018 : भू-स्थिर संचार उपग्रह जीसैट-7ए को लेकर जाने वाले जीएसएलवी-एफ11 का श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपण।

2018 : लोकसभा में ‘सरोगेसी (विनियमन) विधेयक को मंजूरी मिली। इससे वाणिज्यिक उद्देश्यों से किराये की कोख (सरोगेसी) पर रोक लगाने और नि:संतान दंपतियों को संतान का सुख दिलाने का प्रस्ताव।

2018 : जम्मू-कश्मीर में छह महीने के राज्यपाल शासन के बाद मध्यरात्रि से राष्ट्रपति शासन लागू।

2019 : स्वदेश में विकसित क्रूज रॉकेट पिनाक के अद्यतन संस्करण का ओडिशा के तट स्थित केंद्र से परीक्षण।

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