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किसे कहा जाता है लोकसभा का जनक (Father of Lok Sabha) ?

आज के इतिहास में जानें देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू ने किसे दी थी लोकसभा जनक की उपाधि?

By इंडिया वॉइस 
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लोकसभा के जनक‘- लोकसभा स्पीकर के रूप में मर्यादा, निष्पक्षता और प्रतिबद्धता का नया प्रतिमान गढ़ने वाले गणेश वासुदेव मावलंकर (Ganesh Vasudev Mavalankar) का जन्म 27 नवंबर 1888 को गुजरात के बड़ौदा में हुआ था। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने मावलंकर के व्यापक योगदान को देखते हुए उन्हें ‘लोकसभा के जनक’ की उपाधि दी थी। हर किसी से निष्पक्ष व्यवहार करने के कारण लोग उन्हें प्यार व सम्मान से दादा साहब मावलंकर के नाम से याद करते हैं।

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पहले लोकसभा स्पीकर को दी गई थी ‘लोकसभा के जनक’ की उपाधि

महात्मा गांधी की अगुवाई में विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों में लंबे समय तक सक्रिय रहे गणेश वासुदेव मावलंकर स्वतंत्र भारत के पहले लोकसभा स्पीकर बनाए गए। 15 मई 1952 को स्वतंत्र भारत के प्रथम लोकसभा स्पीकर पद के लिए गणेश वासुदेव मावलंकर के नाम के प्रस्ताव को सदन ने 55 के मुकाबले 394 मतों से स्वीकार कर लिया। वे चार वर्षों तक इस पद पर रहे। दिल का दौरा पड़ने से हुए आकस्मिक निधन के कारण उनका कार्यकाल खत्म हुआ।

मराठी परिवार से ताल्लुक रखने वाले मावलंकर का अधिकांश जीवन गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में बीता। उनका परिवार मूल रूप से ब्रिटिश राज के अंतर्गत रत्नागिरी जिले से रहता था। 1908 में गुजरात कॉलेज से उन्होंने विज्ञान में स्नातक की उपाधि हासिल की। 1912 में कानून की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। अगले साल से उन्होंने वकालत शुरू की और जल्द ही एक प्रतिष्ठित वकील बन गए। इस दौरान वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे और महात्मा गांधी से प्रभावित होकर विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों में सक्रिय योगदान दिया। वे लंबे समय तक नगर निगम के सदस्य भी रहे। 1937 में वे अहमदाबाद नगर का प्रतिनिधित्व करते हुए बंबई विधानसभा के लिए चुने गए।

उनकी लेखन शैली भी बहुत प्रभावी थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेलयात्रा पर आधारित गुजराती भाषा में लिखी गयी उनकी पुस्तक ‘मानवतन झरन’ को काफी लोकप्रियता मिली और कई अन्य भारतीय भाषाओं में इसका अनुवाद हुआ। उन्होंने अधिवक्ता के तौर पर काम करते हुए अपने संघर्षों पर आधारित पुस्तक ‘माई लाइफ’ लिखी, इसे भी पाठकों ने पसंद किया।

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अन्य अहम घटनाएं:

1795: कलकत्ता के एजरा स्ट्रीट में एक स्टेज पर पहली बार एक बांग्ला नाटक का सार्वजनिक मंचन।

1881: इतिहासकार एवं पुरातत्व के ख्यातिप्राप्त विद्वान काशी प्रसाद जायसवाल का जन्म।

1909: सुप्रसिद्ध कवि और लेखक डॉ. हरिवंश राय बच्चन का जन्म।

1940: दुनिया भर में मशहूर मार्शल आर्ट के महानायक ब्रूस ली का जन्म।

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1942: गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा का जन्म।

1976: मराठी उपन्यासकार त्र्यंबक माडखोलकर का निधन।

1978: प्रख्यात समाज सुधारक लक्ष्मीबाई केलकर का निधन।

2002: प्रगतिशील कवि शिवमंगल सिंह सुमन का निधन।

2008: पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का निधन।

2011: सुप्रसिद्ध सारंगी वादक सुल्तान खान का निधन।

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2018: फिल्मी गायक मोहम्मद अजीज का निधन।

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