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भारत जैसे देश में जिहाद की जरूरत नहीं, यह ईमान का देश : मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

By HO BUREAU 

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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख अरशद मदनी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर मुसलमान को जिहाद करना चाहिए। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बुधवार को कहा कि अरशद मदनी ने जिहाद पर बयान दिया। लेकिन, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि आखिर किन स्थितियों में जिहाद करना चाहिए। मौलाना रजवी ने कहा कि उन्हें इस बात को भी साफ करना चाहिए कि क्या भारत में जिहाद की जरूरत है? यह बात उन्हें स्पष्ट करनी चाहिए थी। आला हजरत ने अपनी किताब में लिखा है कि भारत में जिहाद की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह शांति और ईमान का देश है।

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भारत में जिहाद करना जायज नहीं है : मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि यहां पर पूरी आजादी के साथ हर मजहब के लोगों को अपनी परंपरा का पालन करने का अधिकार है। उसे ऐसा करने से कोई नहीं रोकता है। कहीं कोई रोक टोक नहीं है। ऐसी स्थिति में यहां पर ना जिहाद जरूरी है और ना ही हिजरत जायज है। उन्होंने कहा कि अरशद मदनी एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं, उन्हें तमाम चीजों को स्पष्ट करना चाहिए कि किन स्थितियों में जिहाद की जरूरत है और किन स्थितियों में नहीं है। भारत में जिहाद की कोई जरूरत नहीं है। भारत में जिहाद करना जायज नहीं है। साथ ही, मौलाना सैफ अब्बास ने अरशद मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिहाद शब्द का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें होती हैं। अब ये शर्तें आज के जमाने में लागू नहीं होती हैं, क्योंकि कौन कहेगा कि क्या सही है और क्या गलत है। जिहाद के लिए शर्त यह है कि मासूम नबी और इमाम आपको जिहाद करने की इजाजत देंगे, तभी आप उसे कर पाएंगे। इस जमाने में ना कोई मासूम नबी हैं और अगर मासूम इमाम हैं, तो वो यहां नहीं हैं। हमारे पास परमिशन नहीं है कि हम किसी को जिहाद के लिए परमिशन दे सकें।

 

युवाओं को गुमराह कर रहे हैं अरशद मदनी : भाजपा नेता भोला सिंह

वहीं, भाजपा नेता भोला सिंह ने भी अरशद मदनी के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे युवाओं को गुमराह करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान पूरी तरह से अर्थविहीन है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जो युवाओं को भ्रामक जानकर देकर उन्हें दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। इन लोगों को सामने आकर युवाओं को समझाना चाहिए, उन्हें सही राह दिखानी चाहिए। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी अरशद मदनी के बयान की निंदा की। उनके मुताबिक, राष्ट्र से ऊपर अपने धर्म के बारे में सोचते हैं। आमतौर पर ऐसे ही लोग इस तरह का बयान देते हैं। मदनी साहब अपने धर्म को राष्ट्र से ऊपर रखते हैं, इसलिए उनकी ऐसी सोच है। हम सभी धर्म से पहले राष्ट्र के बारे में सोचते हैं और राष्ट्र हमारे लिए सबसे प्रमुख है।

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