अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के महीनों में अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोडिमिर जेलेंस्की के बारे में अपनी सबसे अच्छी राय दी। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की रूस के खिलाफ अपनी जगह पर डटे हुए हैं। ट्रंप ने जेलेंस्की को हिम्मतवाला बताया। बुधवार को व्हाइट हाउस में नाटो सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे के साथ मीटिंग के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि यूक्रेन रूस के साथ लड़ाई जीत रहा है। ट्रंप ने जवाब दिया, “ठीक है, वह काफी अच्छा कर रहे हैं। आप इसे किसी भी तरह से देखें, वह काफी अच्छा कर रहे हैं। कम से कम वह अपनी स्थिति तो संभाल रहे हैं।”
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राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन की सैन्य क्षमता और उसके सैनिकों, दोनों की सराहना करते हुए कहा, “आपको कहना होगा कि वे हिम्मतवाले हैं। उनके पास ना केवल बढ़िया उपकरण हैं। उनके पास फाइटर्स हैं।” यह बात तब आई जब ट्रंप और रूटे ने अगले महीने अंकारा में होने वाले नाटो समिट की तैयारियों पर बात की। नाटो समिट में यूक्रेन को लगातार समर्थन देने एक मुख्य मुद्दा होने की उम्मीद है।
यूक्रेन पिछले पांच, छह महीनों में पहले से कहीं बेहतर कर रहा है : नाटो सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे
नाटो सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे ने कहा कि हाल के महीनों में यूक्रेन की युद्ध क्षेत्र की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और उन्होंने कीव को रूसी सेना का सामना करने में मदद करने के लिए लगातार अमेरिकी मदद को श्रेय दिया। व्हाइट हाउस मीटिंग के बाद रूटे ने मीडिया से कहा, “यूक्रेन पिछले पांच, छह महीनों में पहले से कहीं बेहतर कर रहा है। साथ ही, अमेरिका जो भी मदद दे रहा है, उसके लिए धन्यवाद।” रूटे ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर ट्रंप के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि राष्ट्रपति ने ईरान और यूक्रेन दोनों मामलों में लीडरशिप दिखाई है।
रूटे ने कहा कि अमेरिका कीव को जरूरी समर्थन देना जारी रखे हुए है। यह बात कि यूक्रेन लड़ाई में मजबूत बना हुआ है, कि आप अभी भी उन्हें जरूरी सभी चीजें दे रहे हैं, जिसका पेमेंट यूरोपीय और कैनेडियाई सहयोगी कर रहे हैं। उनके लिए लड़ाई में बने रहना बहुत जरूरी है।” रूटे ने यह भी कहा कि आने वाले नाटो समिट में होने वाली चर्चा में रक्षा औद्योगिक उत्पादन को मजबूत करना शामिल होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सहयोगी यूक्रेन को समर्थन करते हुए स्टॉक को फिर से भर सकें।
अंकारा में सात और आठ जुलाई को होगा नाटो समिट
नाटो समिट का आयोजन 7-8 जुलाई को अंकारा में हो रहा है। इस समिट में पिछले साल हुए समझौते को लागू करने पर फोकस रहने की उम्मीद है, जिसमें सहयोगी देश 2035 तक जीडीपी का 5 फीसदी रक्षा और सुरक्षा पर निवेश करने के लिए काम करेंगे, साथ ही रक्षा औद्योगिक उत्पादन को मजबूत करेंगे और यूक्रेन को लगातार समर्थन देंगे। नाटो नेताओं ने यह भी कहा है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथिया हासिल नहीं करना चाहिए। नाटो नेताओं ने बार-बार कहा है कि भविष्य की किसी भी बातचीत में कीव की स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार सैन्य मदद जरूरी है।
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