देश में बढ़ती गर्मी को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अप्रैल महीने के दूसरे पखवाड़े में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में लू जैसे हालात बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
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IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में गर्म हवाओं का असर अधिक देखने को मिल सकता है। खासकर शहरी इलाकों में ‘हीट आइलैंड इफेक्ट’ के कारण तापमान और अधिक महसूस होगा।
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2022 में भी कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई थी। उदाहरण के तौर पर दिल्ली में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि राजस्थान के कुछ इलाकों में पारा 45 डिग्री के पार चला गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार परिस्थितियां उससे भी ज्यादा गंभीर हो सकती हैं, क्योंकि जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर लगातार बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस असामान्य गर्मी के पीछे प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की कमी और शुष्क हवाओं का प्रभाव है। इसके अलावा, कम वर्षा और सूखी जमीन भी तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
इस अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी बताया गया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो न केवल स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा, बल्कि बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। इससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
कुल मिलाकर, अप्रैल के दूसरे हिस्से में पड़ने वाली यह भीषण गर्मी एक बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।