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राजस्थान के स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने से बच्चे घायल, NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान

By HO BUREAU 

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Rajasthan : राजस्थान के स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने से बच्चे घायल, NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान

Rajasthan : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राजस्थान के उदयपुर जिले में एक जर्जर सरकारी प्राथमिक विद्यालय की कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने से तीन बच्चों के घायल होने की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 6 अक्टूबर को भिंडर थाना क्षेत्र के नरदा गांव स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुई। कक्षा की छत का एक हिस्सा अचानक बच्चों के ऊपर गिर गया।

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घायल विद्यार्थियों की उम्र 7 से 8 वर्ष के बीच बताई गई है। हादसे में उनके सिर पर चोटें आईं। घटना सुबह करीब 11 बजे हुई, उस समय कक्षा में 32 बच्चे मौजूद थे। बताया गया है कि घटना के समय स्कूल में शिक्षक मौजूद नहीं थे। घायल बच्चे खुद ही पैदल अपने घर पहुंचे, जिसके बाद उनके परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए।

NHRC ने कहा कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला है। मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उदयपुर के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में घायल विद्यार्थियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी शामिल करने को कहा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिर में चोट लगने से घायल तीनों बच्चों को इलाज के लिए भिंडर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। छत का प्लास्टर तेज आवाज के साथ गिरने से स्कूल में मौजूद विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर स्कूल भवन को बंद कर दिया गया। वहीं, बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए स्थानीय धार्मिक स्थल के पास वैकल्पिक स्थान पर कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था की गई।

स्कूल के प्रधानाध्यापक लालसिंह शक्तावत ने बताया कि विद्यालय में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है और यहां कुल 37 बच्चे नामांकित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रशासन पहले ही भवन की जर्जर स्थिति के बारे में शिक्षा विभाग को सूचित कर चुका था। विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 2001 में हुआ था। इसमें दो कमरे और एक बरामदा है, जिनकी स्थिति खराब बताई गई है।

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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन की बिगड़ती हालत को लेकर अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पुराने और खराब रखरखाव वाले भवनों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। (आईए़एनएस)

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इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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