1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 98-99 प्रतिशत पूरा…’, अमेरिकी अधिकारी का बयान

‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 98-99 प्रतिशत पूरा…’, अमेरिकी अधिकारी का बयान

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौता लगभग पूरा हो चुका है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बातचीत का केवल एक से दो प्रतिशत हिस्सा बाकी है।

By HO BUREAU 

Updated Date

India-US : भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौता लगभग पूरा हो चुका है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बातचीत का केवल एक से दो प्रतिशत हिस्सा बाकी है। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि महीनों से चल रही उच्चस्तरीय चर्चाओं के बाद दोनों देश समझौते के करीब पहुंच रहे हैं।

पढ़ें :- दिल्ली पुलिस ने 'तिरंगा मार्च' में शामिल होने जा रहे 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

अधिकारी ने कहा कि सबसे बड़े मुद्दों का समाधान हो चुका है और बातचीत अब भी सर्वोच्च राजनीतिक स्तर पर जारी है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली चर्चाएं भी शामिल हैं। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की एक ब्रीफिंग के दौरान अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, “सबसे बड़े मुद्दों का समाधान हो चुका है। मेरा मतलब है कि यह समझौता लगभग पूरा हो गया है। अब केवल एक या दो प्रतिशत काम बाकी है।”

यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की प्रस्तावित भारत यात्रा से पहले आया है। इस यात्रा के दौरान वह मुंबई और जामनगर में भारतीय सरकारी अधिकारियों तथा प्रमुख कारोबारी हस्तियों के साथ बातचीत करेंगे।

अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित समझौते को लेकर दोनों सरकारें लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, “हम हर सप्ताह सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।” अधिकारी ने यह भी बताया कि व्यापार समझौते पर उच्चस्तरीय चर्चा नियमित रूप से हो रही है। अधिकारी ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर, भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बीच हालिया कूटनीतिक संपर्कों और राष्ट्रपति ट्रंप तथा प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे वार्ता को गति मिली है।

हालांकि, अधिकारी ने एक बड़ी जटिलता का भी उल्लेख किया, जिसके कारण समझौते में देरी हुई। उनके अनुसार, पहले बनी सहमति को इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) से जोड़ा गया था, लेकिन इस कानून को अदालत द्वारा रद्द किए जाने के बाद कानूनी ढांचे पर दोबारा विचार करना पड़ा। इस घटनाक्रम के कारण वार्ताकारों को प्रस्तावित समझौते के कुछ हिस्सों पर फिर से काम करना पड़ा, जिससे बातचीत कई महीनों तक और आगे बढ़ गई।

पढ़ें :- Tiranga March : हिरासत में AISA प्रमुख नेहा बोरा, ‘तिरंगा’ प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई

इन जटिलताओं के बावजूद अधिकारी ने उम्मीद जताई कि शेष मतभेदों को जल्द दूर कर लिया जाएगा। मार्को रुबियो भारत आने से पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे, जहां वह मध्य एशियाई देशों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वह भारत पहुंचेंगे।

मुंबई में वह भारत सरकार के अपने समकक्षों और देश की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली के बजाय मुंबई जाने का फैसला अमेरिकी प्रशासन की ओर से वाणिज्यिक कूटनीति और अमेरिका में भारतीय निवेश पर बढ़ते जोर को दर्शाता है। रुबियो जामनगर का दौरा भी करेंगे।

अधिकारी के मुताबिक, वाशिंगटन सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा सहयोग और अन्य क्षेत्रों में भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने बताया कि दोनों सरकारों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के प्रयासों के तहत अगले साल अमेरिका के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की भारत यात्रा भी प्रस्तावित है। (आईएएनएस)

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

पढ़ें :- Air Fare : हवाई किरायों पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - नियमों को मिली मंजूरी; दो सप्ताह में किए जाएंगे जारी

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें। 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com