कोरोना से बचाव के लिए 15 से 18 साल तक के बच्चों को आज वैक्सीन लगाने का कार्य देशभर में शुरू हो चुका है। जानकारी के अनुसार इस आयु वर्ग के करीब 7.5 करोड़ बच्चों को वैक्सीनेशन आज से दी जाने लगी हैं। इनके लिए कई कोविड सेंटर बनाए गए है। 2007 से पहले जन्मे बच्चों को वैक्सीन देने का काम देश के विभिन्न कोरोना सेंटर में शुरू हो गया है। शुरूआती दौर में बच्चों को कोवैक्सीन की डोज दी जा रही है।
पढ़ें :- श्रीनगर-कटरा वंदे भारत शुरू: कश्मीर को मिली रफ्तार
15 से 18 साल तक के बच्चे Cowin ऐप में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके बाद ही उनको वैक्सीनेशन दी जाएगी। फिहाल सेंटर पर सीधे जाकर भी बच्चों को कोविड वैक्सीन लगाई जा सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। अभिभावकों के इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम से जुड़े कई सवाल होंगे, चलिए जानते हैं उनके जवाब।
कौन से बच्चों को दी जाएगी वैक्सीन?
देश के 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा सकती हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा।
बच्चों का रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?
पढ़ें :- Motorola Razr 70 Series लॉन्च: Ultra से Plus तक सब कुछ
वैक्सीन के लिए जैसे वयस्कों का रजिस्ट्र्रेशन किया गया था, ठीक वैसे ही आप Cowin ऐप पर अपने बच्चों का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए आपको 10वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड या स्कूल के आईडी की आवश्यकता होगी।
रजिस्ट्रेशन कौन करा सकते हैं?
जो बच्चे 2007 से पहले जन्मे हैं वह वैक्सीनेशन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। एक मोबाइल नंबर पर एक परिवार के चार लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन नहींं हुआ तो क्या करना होगा?
जिन बच्चों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में परेशानी हो रही है। वह ऑफलाइन भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा वैक्सीनेशन सेंटर पर ही उपलब्ध होगी। इसके लिए अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ 10वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड या स्कूल की आईडी साथ ले जानी होगी।
पढ़ें :- बंगाल में BJP की आंधी? एग्जिट पोल vs असली सच्चाई
कितने दिनों के बाद लगेगी दूसरी डोज?
पहली डोज लगाने बाद बच्चों को दूसरी डोज 28 दिनों के बाद लगाई जाएगी।
वैक्सीन लगाने के बाद क्या करना होगा?
वयस्कों की तरह ही बच्चों को भी वैक्सीन लगाने के बाद करीब 30 मिनट तक सेंटर पर ही बैठना होगा। अगर वैक्सीन लगाने के बाद बच्चे को कोई समस्या नहीं हुई तो उसको घर भेजा जाएगा। वैक्सीन लगाने के बाद 24 घंटों बाद या पहले यदि बच्चे को बुखार आया तो वह बुखार की सामान्य दवा लेकर ठीक हो सकता है।
क्या वैक्सीन बच्चों के लिए सुरक्षित होगी?
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन ही एक मात्र उपाय है। आपको बता दें कि भारत बायोटेक ने पिछले साल 2 वर्ष से 18 साल तक के बच्चों पर कोरोना का ट्रायल किया था। ट्रायल में ये वैक्सीन असरदार साबित हुई थी। जानकारी के अनुसार इस ट्रायल में बच्चों के अंदर वयस्कों की तुलना में अधिक एंटीबॉडीज का निर्माण होता हुआ पाया गया था।