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डायबिटीज़ कंट्रोल के देसी उपाय: करेला, मेथी और लाइफस्टाइल से कैसे रखें शुगर काबू में?

By HO BUREAU 

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आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में डायबिटीज़ एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है। यह तब होती है जब शरीर सही मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका उपयोग ठीक से नहीं कर पाता। परिणामस्वरूप खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में लोग दवाइयों के साथ-साथ देसी उपायों की ओर भी रुख करते हैं।

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देसी उपाय: कितने प्रभावी?

भारतीय परंपरा में कई प्राकृतिक चीजें डायबिटीज़ नियंत्रण में सहायक मानी जाती हैं। जैसे करेला, मेथी दाना, जामुन के बीज और नीम की पत्तियां। करेला जूस सुबह खाली पेट पीने से शुगर लेवल कम करने में मदद मिलती है, जबकि मेथी दाना रातभर भिगोकर खाने से इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है। जामुन के बीज का पाउडर भी शुगर कंट्रोल में लाभकारी माना जाता है।

हालांकि, इन उपायों की तुलना अगर आधुनिक चिकित्सा से की जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि देसी उपाय सहायक तो हैं, लेकिन पूरी तरह उपचार का विकल्प नहीं। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां और नियमित जांच अधिक वैज्ञानिक और नियंत्रित परिणाम देती हैं। इसलिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

बचाव के उपाय: सबसे बेहतर रणनीति

डायबिटीज़ से बचने का सबसे अच्छा तरीका है अपनी जीवनशैली में सुधार करना। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव से दूरी बेहद जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलना, योग करना या हल्की कसरत करना शरीर को सक्रिय रखता है और शुगर को नियंत्रित करता है।

खाने में अधिक चीनी, तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त भोजन को प्राथमिकता दें। साथ ही, नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराते रहना चाहिए ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

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निष्कर्ष

डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जिसे पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है, लेकिन सही देखभाल और अनुशासन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। देसी उपाय सहायक भूमिका निभाते हैं, जबकि आधुनिक चिकित्सा स्थायी नियंत्रण प्रदान करती है। इसलिए दोनों का संतुलित उपयोग ही सबसे बेहतर रास्ता है।

सपन दास

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