नई दिल्ली, 11 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आने वाले 25 साल देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि हमने भारत के 100 साल का विजन नहीं रखा तो वही होगा, जो बीते 70 सालों में हुआ है। वित्त मंत्री सीतारमण ने शुक्रवार को राज्यसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही।
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कोरोना की वजह से जीडीपी को हुआ नुकसान
वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 9.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लेकिन, सप्लाई साइड में अवरोध के बावजूद देश की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर 6.2 फीसदी के स्तर पर है।
आगे उन्होंने कहा कि यह बजट स्थिरता की बात करता है। इस बजट में पिछले साल की कुछ योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है, वो योजनाएं आने वाले 25 सालों में हमारा मार्गदर्शन करेंगी।
100 साल का विजनी नहीं होगा तो देश को बीते 70 सालों की तरह की धीमी गति से आगे बढ़ना होगा
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निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर हमारे पास भारत की आजादी के 100 साल पूरे होने पर कोई विजन नहीं होगा तो हमें उसी तरह से भुगतना पड़ेगा जैसा कि हमें पिछले 70 सालों में भुगतना पड़ा है। क्योंकि, इसमें एक परिवार को बनाने, उसका समर्थन करने और उसको फायदा पहुंचाने के अलावा देश में कोई और विजन नहीं था।
बजट में कृषि को मॉर्डन बनाने के लिए ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है
राज्य सभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुये आगे उन्होंने कहा कि इस बजट में तकनीक को प्राथमिकता दी गई है। इसका एक उदाहरण कृषि में सुधार करने और उसको मॉडर्न बनाने के लिए ड्रोन को लाना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। हमने देखा कि देश में जिस मजबूती के साथ स्टार्ट-अप्स आ रहे हैं, वैसा विश्व में कहीं नहीं हुआ।
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री बीते एक फरवरी को वित्त वर्ष 2022-23 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए इसे आगामी 25 सालों का ‘अमृत काल’ बताया था। वहीं विपक्ष ने हैरानी जताते हुए उनकी आलोचना की थी।