Nishu Azad : हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप में संजय आजाद और उनकी नाबालिग बेटी निशु आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर एडवोकेट अमिता सचदेवा ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
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चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने दाखिल की गई अपनी अर्जी में सचदेवा ने दिल्ली पुलिस को सेक्शन 196 (दुश्मनी बढ़ाना), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और 353 (किसी सरकारी कर्मचारी को उसके ऑफिशियल काम करने से रोकने के लिए हमला या क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल) के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है।
अर्जी में कहा गया है कि पिता-बेटी की जोड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की उनकी शिकायत पर दिल्ली पुलिस से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद उन्हें कोर्ट में यह अर्जी दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निशुआजाद11 के एक्स अकाउंट से भगवान शिव, भगवान श्री कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से संबंधित कई पोस्ट किए गए थे। इसमें आरोप लगाया गया है कि पोस्ट में देवताओं का अपमान किया गया, हिंदू देवताओं को ‘काल्पनिक’ बताया गया और हिंदू धार्मिक ग्रंथों को हटाने की अपील की गई।
याचिका के अनुसार, ये पोस्ट 2023 के हैं और इनमें भगवान कृष्ण, मां दुर्गा, मां सरस्वती और भगवान शिव से संबंधित पोस्ट शामिल हैं। 9 नवंबर, 2024 की एक पोस्ट में कथित तौर पर हिंदू देवताओं को काल्पनिक बताया गया था जबकि 19 दिसंबर, 2025 की एक और पोस्ट में कथित तौर पर हिंदू धार्मिक ग्रंथों को उड़ाने की बात कही गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 18 अगस्त, 2026 की एक पोस्ट में भगवान शिव की पूजा का मजाक उड़ाया गया था और भक्तों को “अंधविश्वासी” बताया गया था। इसमें 9 अप्रैल 2025 की मां दुर्गा से जुड़ी एक पोस्ट का भी जिक्र है, जिसमें कथित तौर पर देवी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
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अर्जी में वकील अमिता सचदेवा ने कहा है कि इन पोस्ट से उनकी और दूसरे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। याचिका में कहा गया है कि उन्होंने सबसे पहले 5 सितंबर को नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन में बीएनएस के सेक्शन 299 और 196 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के लागू नियमों के तहत एफआआईर दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने यूआरएल, प्लेटफॉर्म रिकॉर्ड और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने की भी मांग की है।
याचिका में दिल्ली पुलिस को एफआआर दर्ज करने, आरोपों की जांच करने और कोर्ट के सामने एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें संबंधित इलेक्ट्रॉनिक सबूत और प्लेटफॉर्म रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है। (आईएएनएस)
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