लखनऊ। आरएसएस प्रमुख मोहनराव भागवत शुक्रवार (22 सितंबर) को लखनऊ पहुंचे। वह तीन दिवसीय प्रवास पर यहां आए हैं। मोहन भागवत तीन दिन रुककर अवध प्रांत में संघ के उद्देश्यों को धार देंगे।
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भागवत अवध में संघ के विस्तार, राष्ट्रवाद के मुद्दों को धार और हिन्दुत्व पर मंथन करेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अवध प्रांत में 13 प्रशासनिक जिले, 26 संघ जिले, 174 खंड, 1819 मंडल हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में 1765 और शहरी क्षेत्रों में 442 से अधिक शाखाएं संचालित हैं।
अवध प्रांत में संघ के कामकाज की समीक्षा के साथ अगली कार्ययोजना भी होगी तैयार
भागवत 24 सितंबर तक संघ के अवध प्रांत की कार्यकारिणी, प्रांत के सात विभागों और संघ दृष्टि से 26 जिलों की कार्यकारिणी की बैठक लेंगे। इस दौरान अवध प्रांत में संघ के कामकाज की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। आरएसएस प्रमुख अवध प्रांत के दौरे में कुटुंब बोधन, पर्यावरण संरक्षण, धर्म जागरण, ग्राम विकास, सामाजिक समरसता की भी समीक्षा करेंगे।
सर संघचालक भागवत और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सभी प्रांतों में एक-एक प्रवास करेंगे। यह व्यवस्था की गई है कि जिस प्रांत में संघ प्रमुख जाएंगे, उस प्रांत में सर कार्यवाह का दौरा नहीं होगा। पूर्वी क्षेत्र में अवध, काशी, कानपुर और गोरक्ष चार प्रांत हैं। अवध प्रांत में भागवत का दौरा शुक्रवार से हो रहा है। आगामी महीनों में भागवत किसी एक अन्य प्रांत का दौरा करेंगे। वहीं सर कार्यवाह होसबाले दो प्रांतों का दौरा करेंगे।