Etawah : इटावा सफारी पार्क में वन्य प्राणी सप्ताह 2026 के समापन समारोह के बाद वन्यजीवों की देखभाल और उनके बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सफारी पार्क में शेरों के लिए नवनिर्मित क्राल का निर्माण किया गया है। इस नए क्राल का उद्देश्य शेरों को अधिक खुला क्षेत्र उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें शारीरिक व्यायाम और चहलकदमी के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
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शनिवार को शेर विश्वा ने इस नवनिर्मित क्राल का समुचित उपयोग किया। सफारी पार्क प्रशासन के अनुसार, यह क्राल लॉयन हाउस नंबर-02 स्थित ‘जेसिका निवास’ के पास बनाया गया है। इसके माध्यम से यहां रह रहे शेर गीगो और विश्वा तथा शेरनियां जेसिका और हीर को अतिरिक्त क्षेत्र उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे शेरों को अधिक समय तक सक्रिय रहने और अपनी स्वाभाविक गतिविधियां करने का अवसर मिलेगा। साथ ही पर्यटक अपनी सफारी बस से इस क्षेत्र में शेरों को विचरण करते हुए देख सकेंगे, जिससे उनका सफारी अनुभव भी और बेहतर होगा।
चार शावकों के साथ पहली बार पैडॉक में पहुंची शेरनी नीरजा
इटावा सफारी पार्क में शनिवार को एक और महत्वपूर्ण गतिविधि देखने को मिली। शेरनी नीरजा को पहली बार अपने चारों शावकों के साथ ब्रीडिंग सेंटर के पैडॉक में छोड़ा गया। इस दौरान शेरनी नीरजा और उसके चारों शावकों ने क्षेत्र में अच्छी चहलकदमी की। सफारी पार्क प्रशासन के अनुसार, शावकों को उनकी मां से अलग करने की प्रक्रिया के तहत उन्हें इस क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है, ताकि आगे की प्रजनन प्रक्रिया के लिए शेरनी नीरजा को दोबारा बब्बर शेर कान्हा के पास लाया जा सके।
जानकारी के मुताबिक, शेरनी नीरजा के चारों शावकों का जन्म 8 मार्च 2026 को हुआ था। अब ये शावक सात महीने से अधिक उम्र के हो चुके हैं। सभी चारों शावक बब्बर शेर कान्हा की संतान हैं। इनके बड़े होने के साथ ही सफारी पार्क में शेरों के प्रबंधन और प्रजनन से जुड़ी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
कान्हा की अब तक 12 संतानें
इटावा सफारी पार्क में बब्बर शेर कान्हा की संतानों की संख्या भी उल्लेखनीय है। सफारी पार्क प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कान्हा की अब तक कुल 12 संतानें हो चुकी हैं। इनमें से 11 इटावा सफारी पार्क में मौजूद हैं, जबकि एक शेर अज्जू को रोहतक जू भेजा गया है। यह जानकारी सफारी पार्क में एशियाई बब्बर शेरों के प्रजनन और संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को रेखांकित करती है।
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सफारी पार्क में शेरों के लिए अतिरिक्त क्षेत्र विकसित करना और शावकों के विकास के अनुसार उनके प्रबंधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना वन्यजीवों की देखभाल का अहम हिस्सा है। नए क्राल के माध्यम से शेरों को व्यायाम के लिए अधिक जगह मिलने के साथ पर्यटकों को भी उन्हें नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। वहीं, शेरनी नीरजा और उसके चारों शावकों को पैडॉक में छोड़ने की प्रक्रिया उनके आगे के प्रबंधन और प्रजनन कार्यक्रम की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कुल मिलाकर, इटावा सफारी पार्क में नवनिर्मित क्राल का उपयोग शुरू होने और शेरनी नीरजा के चारों शावकों की पैडॉक में पहली गतिविधि से वन्यजीवों की देखभाल, व्यायाम और प्रजनन प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों को नई गति मिली है।
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