UP News : इटावा -सैफई में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा को आड़े हाथ लिया।✍️Vandana yadav
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UP News : इटावा -सैफई में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा को आड़े हाथ लिया। अखिलेश ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है तो भाजपा उसे डिफेंड क्यों कर रही है। कमजोर सरकारें अन्याय का रास्ता अपनाती हैं और पुलिस को आगे करती हैं।
यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ है। मुख्य चुनाव पर आयुक्त किसी एक दल ने नहीं, बल्कि कई राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं। भाजपा चुनाव आयोग के साथ क्यों खड़ी है? अगर चुनाव आयोग के पीछे कोई साजिश और षड्यंत्र कर रहा है, तो वह भारतीय जनता पार्टी है। अखिलेश ने कहा चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसका काम निष्पक्ष होकर निर्णय लेना और लोकतंत्र में अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ होने वाले हर आंदोलन में भारतीय जनता पार्टी आगे आ जाती है। इसका मतलब साफ है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है।
अखिलेश यादव आज अपने पिता व पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। यहां मुलायम सिंह की याद में सोशलिस्ट म्यूजियम बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव, मैनपुरी सांसद डिंपल यादव, आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव, करहल विधायक तेज प्रताप समेत यादव, बदायूं सांसद आदित्य यादव समेत सपा के कई विधायक व सांसदों ने सपा संरक्षक को श्रद्धांजलि दी। इस बार अखिलेश यादव की मां मालती देवी की भी बड़ी तस्वीर समाधि स्थल के पास रखी गई। जहां सभी नेताओं फूल चढ़ाए। हालांकि इस कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राम गोपाल यादव नजर नहीं आए।
अखिलेश यादव ने अपने 15 मिनट की बातचीत में चुनाव आयोग को निशाने पर रखा। उन्होंने कहा- भाजपा चाहती है कि चुनाव आयोग के माध्यम से ऐसा फैसला कराया जाए कि वोट उसी का बने, जो भाजपा का सदस्य हो। यानी जो भाजपा का सदस्य होगा, वही भारत का नागरिक माना जाएगा। इस षड्यंत्र के खिलाफ युवा ही नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दल एकजुट हैं। सबकी मांग है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष हो और उसके मौजूदा आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए। समाजवादी पार्टी का हमेशा से पक्ष रहा है कि अच्छाई को सामने लाया जाए और बुराई को जगह न मिले।
चुनाव अयोग के खिलाफ कबतक प्रदर्शन चलेगा, इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा- जब तक भाजपा को सत्ता से हटा नहीं देते, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। भाजपा हटेगी तो चुनाव आयोग में भी सुधार हो जाएगा। चुनाव आयोग में सुधार के लिए जनता को एक-एक वोट भाजपा के खिलाफ डालना होगा।
लोकतंत्र में हिरासत में लिया जाना, गिरफ्तार करना और पुलिस का पीछे पड़ना कोई नई बात नहीं है। इसलिए जहां भी आंदोलन करने और आवाज उठाने का मौका मिले, वहां आवाज उठानी चाहिए। राष्ट्रपति से सभी दलों के नेताओं ने मुलाकात की है। उन्होंने उन मामलों में प्रमाण मांगे हैं, जहां किसी राजनीतिक दल को लगता है कि चुनाव आयोग ने उसके साथ न्याय नहीं किया है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग और प्रशासन की ताकत का इस्तेमाल करके चुनाव परिणामों को बदलने की कोशिश की। कई जगह पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में वोट डालने का मौका दिया गया। उपचुनावों में बड़े पैमाने पर अन्याय हुआ और लोगों के मतदान के अधिकार छीने गए। यही नहीं, एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरियों ने ऐसे लोगों को पकड़ा, जिनके माध्यम से फॉर्म-7 भरकर मतदाताओं के नाम कटवाए जा रहे थे। भाजपा अपने किसी कार्यालय के माध्यम से फॉर्म-7 भरवाकर समाजवादी पार्टी के वोट कटवा रही थी।
अखिलेश ने कहा कि लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा सीट पर दशरथ के नाम से 100 से अधिक फॉर्म-7 भरवाए गए, जब समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरियों ने इस मामले को पकड़ा और जांच हुई, तो सामने आया कि नियम के मुताबिक कोई व्यक्ति पांच से अधिक फॉर्म-7 नहीं भर सकता। इसके बावजूद दशरथ के नाम से 100 से ज्यादा फॉर्म भरे गए। इससे बड़े उदाहरण और क्या हो सकते हैं?
मीरापुर की वह तस्वीर भी याद होगी, जिसमें एक पुलिस अधिकारी ने रिवॉल्वर तानकर लोगों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की थी। वह माताओं-बहनों को मतदान के लिए नहीं जाने देना चाहता था। उन्हें अपने मताधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ा, तब जाकर वे वोट डाल सकीं।
मैं कहना चाहता हूं कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। उसे अपनी निष्पक्षता और विश्वसनीयता साबित करनी होगी। अब वह विश्वसनीय संस्था नहीं रह गई है। समाज के हर हिस्से से आवाज उठ रही है कि चुनाव आयोग में बैठे लोग बेईमानी कर रहे हैं।
अखिलेश ने आगे कहा कि आज के दौर में तकनीक के माध्यम से एक जगह बैठकर यह तय किया जा रहा है कि मतदाता सूची में किसका नाम होगा और किसका नहीं। ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, मानो भारतीय जनता पार्टी का सदस्य होने पर ही किसी का वोट बनेगा और वह मतदान कर सकेगा। भाजपा का सदस्य नहीं होने पर व्यक्ति को भारत का नागरिक ही नहीं माना जाएगा। यदि किसी का नाम मतदाता सूची से कट जाता है, तो उसे सरकार की लाभकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं से भी वंचित किया जा सकता है। पश्चिम बंगाल का चुनाव कैसे भूल सकते हैं? वहां दीदी को जानबूझकर हराया गया। वह हारी नहीं थीं, बल्कि उन्हें हराया गया। तीन लाख से अधिक लोगों की फोर्स लगाकर चुनाव लूट लिया गया।
✍️Vandana yadav
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