Akhilesh Yadav : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल और सियासी समीकरणों को साधने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में बरेली की आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप मंगलवार को अपनी बेटी कीर्ति कश्यप और समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।
Updated Date
Akhilesh Yadav : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल और सियासी समीकरणों को साधने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में बरेली की आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप मंगलवार को अपनी बेटी कीर्ति कश्यप और समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। बहुजन समाज पार्टी के आबिद अली ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी को पार्टी में शामिल कराया और इसे सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती देने वाला कदम बताया।
इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि आंवला में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग दलों से एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले तीन प्रमुख चेहरे धर्मेंद्र कश्यप, नीरज मौर्य और सैयद आबिद अली आज एक मंच पर हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र कश्यप के भाजपा छोड़ते समय ‘टाटा-बाय बाय’ कहने के बाद से ही उनकी इच्छा थी कि वह सपा में आएं। उनके आने से सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती मिलेगी। पार्टी उन्हें पूरा राजनीतिक सम्मान और उचित स्थान देने में कोई कमी नहीं रखेगी। अखिलेश ने दावा किया कि जिस दिन चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, उसी दिन भाजपा की हार तय हो जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि हार के डर से भाजपा बेईमानी और चुनावी हेराफेरी का सहारा ले रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में नाम काटे जाने और मतदान व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि लखनऊ में 97 बूथों पर बैलेट बॉक्स के भीतर बिना मुड़े हुए बैलेट पेपर मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसा कैसे संभव है और आरोप लगाया कि यह बड़ी साजिश का संकेत है। उन्होंने एसआईआर के बहाने लोगों के वोट काटे जाने का भी आरोप लगाया।
अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग और सरकार को उत्तर प्रदेश सहित उन सभी राज्यों की मतदाता सूचियों को दुरुस्त कराना चाहिए, जहां चुनाव होने हैं। उन्होंने मतदाता पहचान को आधार और बायोमेट्रिक व्यवस्था से जोड़ने की वकालत की। उनका सवाल था कि जब राशन वितरण में बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल हो सकता है तो निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए इसका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक क्षेत्रों में आसानी से मतदाता बनाए जाते हैं, जबकि सपा के प्रभाव वाले बूथों पर मतदान धीमा करने के लिए कम मशीनें लगाई जाती हैं।
अखिलेश ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आयोग निष्पक्ष ढंग से काम कर रहा होता तो विपक्ष को लगातार निगरानी रखने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावों और उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। अखिलेश ने कहा कि मतदाता पहचान पत्र कागज के बजाय धातु का होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर प्रदेश के नागरिकों को मेटल कार्ड जारी किए जाएंगे।
अखिलेश यादव ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को ‘प्रीपेड पार्टियों’ से सावधान रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल दूसरों के इशारे पर काम कर रहे हैं और दूसरों के लिए लाउडस्पीकर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही उनकी डोर कटेगी, उनका खेल खत्म हो जाएगा।
भाजपा पर निशाना साधते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने चुनाव जीतने का कॉरपोरेट तरीका अपना लिया है। उनके मुताबिक, बड़ी राजनीतिक प्रबंधन कंपनियां चुनाव परिणाम पहले से तय करने का दावा करती हैं। उन्होंने भाजपा के कामकाज की तुलना बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों से करते हुए तंज कसा कि उनका नारा है, ‘जिसका दाना, उसका गाना।’
अखिलेश ने कहा कि आने वाला चुनाव केवल सत्ता हासिल करने की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की एकजुटता से डर लग रहा है। (आईएएनएस)
Disclaimer
इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।