1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. Indian Stock Market : F&O Expiry पर सपाट बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट

Indian Stock Market : F&O Expiry पर सपाट बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट

Indian Stock Market : एफएंडओ एक्सपायरी के दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ।

By HO BUREAU 

Updated Date

Indian Stock Market : F&O Expiry के दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

पढ़ें :- धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल, अखिलेश यादव बोले- चुनाव की तारीख घोषित होते ही हार जाएगी भाजपा

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 8.08 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 73,598.67 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 50 भी 3.45 अंक यानी 0.02 प्रतिशत फिसलकर 22,749.75 पर बंद हुआ। वहीं बैंक निफ्टी 0.72 प्रतिशत गिरकर 53,974.90 पर आ गया।

हालांकि, प्रमुख सूचकांकों की सुस्त चाल के बावजूद व्यापक बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक उछला, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बनी हुई है।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी सीमेंट में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी आईटी में कमजोरी देखने को मिली। वहीं निफ्टी मीडिया में 3.6 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.9 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 1.9 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक भी बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी तिमाही (क्यू2) के नतीजों के आधार पर शेयरों में सेक्टर और स्टॉक-आधारित हलचल देखने को मिल रही है। यही वजह रही कि प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में रहे, लेकिन व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने कहा कि मंगलवार के कारोबार में निवेशकों का मनोबल बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण खबर सरकार की ओर से लगभग 2.12 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी देना रही। इन प्रस्तावित खरीदों में लगभग 82 प्रतिशत उपकरण घरेलू निर्माताओं से लिए जाने की संभावना है।

पढ़ें :- Tiger Shroff Firing Case : मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन, सभी आरोपियों पर लगा MCOCA

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए सकारात्मक है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे रक्षा क्षेत्र से जुड़े शेयरों और कंपनियों के दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। करेंसी बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ खुला। रुपया 95.19 के मुकाबले 95.17 प्रति डॉलर पर खुला। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां अब भी रुपए पर दबाव बनाए हुए हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि ब्रेंट क्रूड के ऊंचे स्तर पर बने रहने से महंगाई और आयात लागत को लेकर चिंता बनी हुई है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और रुपए व विदेशी निवेश प्रवाह पर बनी रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद, घरेलू मांग और निरंतर निवेश प्रवाह भारतीय शेयर बाजार को दीर्घकाल में समर्थन देते रहेंगे। (आईएएनएस)

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

पढ़ें :- ICC Ranking : वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में स्मृति ने गंवाया 'नंबर 1' का ताज, हरमनप्रीत और दीप्ति को फायदा

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें। 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com