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जामिया में छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी, गेट नंबर 7 के बाहर धारा 163 लागू

JMI Protest : जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर सात के बाहर एक पोस्टर लगाया।

By HO BUREAU 

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JMI Protest : जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर सात के बाहर एक पोस्टर लगाया, जिसमें चेतावनी दी गई है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 परिसर में लागू है और इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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इस नोटिस में गैरकानूनी सभाओं, बैठकों और जुलूसों पर रोक लगाई गई है और उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की चेतावनी दी गई है। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद गेट नंबर सात के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।

12 अक्टूबर से छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (जेएमआईएसयू) की बहाली और प्रदर्शनकारियों पर “कार्रवाई” के लिए विश्वविद्यालय के मुख्य निरीक्षक को हटाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच, छात्रों ने कुलपति को औपचारिक रूप से अपनी मांगें सौंप दी हैं, जिसमें रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा भूख हड़ताल के संबंध में जारी अधिसूचना पर पुनर्विचार करने और छात्रों की मांगों को ‘पूरी तरह से संबोधित’ करने पर जोर दिया गया है।

जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन ने सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को स्वीकार कर लिया और घोषणा की कि वह छात्र संघ चुनाव कराएगा और छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए एक समिति का गठन करेगा, साथ ही यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई रद्द कर दी जाएगी। हालांकि, उसने इस प्रक्रिया के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई।

विश्वविद्यालय के कुलपति को लिखे पत्र में छात्रों ने कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक ‘भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण’ विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इन मांगों में छात्र संघ के संविधान और चुनावों के लिए स्पष्ट समयसीमा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द करना और मुख्य सुरक्षा सलाहकार का इस्तीफा शामिल है।

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छात्रों के पत्र में लिखा है, “कोई भी प्रदर्शनकारी छात्र शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए माफी नहीं मांगेगा।” उन्‍होंने कहा, “जब तक हमारी ये मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम अपनी भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। हम विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह करते हैं कि वह हमारी मांगों पर ध्यान दे और छात्र संघ की स्थापना की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करवाए।”

पत्र में लिखा था, “छात्र प्रशासन से इन मांगों को पूरा करने और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित छात्र संघ के गठन में सहयोग देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता की अपेक्षा करते हैं।” इससे पहले सोमवार को छात्रों ने एक बयान में प्रशासन के नोटिस को खारिज करते हुए कहा था कि इसमें छात्र संघ की बहाली के लिए कोई स्पष्ट और असंदिग्ध प्रतिबद्धता नहीं दी गई है और उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

(आईएएनएस)

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