Old Pension : पुरानी पेंशन बहाल करने, वैलिडेशन एक्ट को समाप्त करने और आठवें वेतन आयोग के टर्म्स आफ रेफरेंस में पेंशनर्स को शामिल किए जाने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्र और राज्य कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन आज एक दिवसीय धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। संगम नगरी प्रयागराज में भी नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशन और अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर सभी केंद्र और राज्य के पेंशनर्स एसोसिएशन धरना स्थल पर नारेबाजी कर सभा आयोजित कर रहे हैं।
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पेंशनर्स ने आरोप लगाया है कि लगातार केंद्र सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है। पेंशनर्स ने कहा है कि केंद्र सरकार उनके साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा है कि आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रिफरेंस में पेंशनर्स का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने को लेकर देश भर के 69 लाख पेंशनर्स की चिंताएं बढ़ गई है। पेंशनर्स ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने धरना प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों पर विचार नहीं किया। तो पेंशनर्स सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार रहेंगे।
पेंशनर्स का कहना है कि पांचवें, छठवें और सातवें वेतन आयोग के संदर्भों में पेंशन और पेंशन पुनरीक्षण से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया गया था। जबकि आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रिफरेंस में इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं दिखाई दे रही है। पेंशनर्स प्रतिनिधियों के मुताबिक सबसे बड़ी आशंका फिटमेंट फॉर्मूले को लेकर है। उनका कहना है कि फिटमेंट फॉर्मूला कर्मचारियों के मौजूदा बेसिक वेतन में संशोधन का आधार तय करता है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आठवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों के लिए तय होने वाला फिटमेंट फॉर्मूला मौजूदा पेंशनर्स पर भी लागू होगा या नहीं।
ऑल इंडिया ऑडिट एंड अकाउंट्स पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय ने कहा कि यदि फिटमेंट फॉर्मूला केवल कार्यरत कर्मचारियों के लिए लागू किया गया और पुराने पेंशनर्स को उसका लाभ नहीं मिला, तो बड़ी संख्या में पेंशनर्स प्रभावित हो सकते हैं। पेंशनर्स प्रतिनिधियों ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि 2026 से पहले से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग के संभावित लाभ आखिर किस आधार पर दिए जाएंगे।
पेंशनर्स संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि ओपीएस और एनपीएस को लेकर उनकी प्रमुख मांग पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को सरकारी खजाने पर बोझ बताए जाने के तर्क पर भी सवाल उठाया है और पेंशन खर्च तथा अन्य सरकारी वित्तीय फैसलों की तुलना किए जाने की बात कही है।
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पांचवें, छठवें और सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा है कि उन आयोगों में पेंशनर्स से संबंधित विषयों को शामिल किया गया था। इसी आधार पर पेंशनर्स प्रतिनिधियों ने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रिफरेंस में भी पेंशन पुनरीक्षण और फिटमेंट फॉर्मूले के संबंध में स्पष्ट प्रावधान की मांग की है।
धरना प्रदर्शन और सभा का आयोजन कर रहे पेंशनर्स अपनी मांगों को लेकर देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपेंगे, लेकिन इसके बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान न किए जाने पर उन्होंने आगामी चुनाव में सरकार के खिलाफ मतदान करने का भी ऐलान किया है।
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