Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. PM Modi in Gujarat : प्रधानमंत्री ने गांधीनगर में नैनो-यूरिया संयंत्र का किया उद्घाटन और गांवों के स्वावलंबन को बताया महत्वपूर्ण

PM Modi in Gujarat : प्रधानमंत्री ने गांधीनगर में नैनो-यूरिया संयंत्र का किया उद्घाटन और गांवों के स्वावलंबन को बताया महत्वपूर्ण

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

नई दिल्ली, 28 मई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को रिमोट का बटन दबाकर गुजरात के गांधीनगर में इफको, कलोल में निर्मित नैनो-यूरिया (तरल) संयंत्र का उद्घाटन किया।

पढ़ें :- ऑपरेशन शस्त्र: दिल्ली पुलिस का सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन के खिलाफ अभियान

लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह नैनो-यूरिया (तरल) संयंत्र किसानों को अपनी उत्पादकता बढ़ाने का जरिया प्रदान करने और उन्हें अपनी आय बढ़ाने में मदद करेगा।

अत्याधुनिक नैनो उर्वरक संयंत्र की स्थापना नैनो-यूरिया के इस्तेमाल से फसल की पैदावार बढ़ाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर की गई है। संयंत्र में रोजाना 500 एमएल की लगभग डेढ़ लाख बोतलों का उत्पादन होगा।

गांव के स्वावलंबन का बहुत बड़ा माध्यम है सहकार : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक कार्यक्रम कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए गांवों का आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सहकार, गांव के स्वावलंबन का भी बहुत बड़ा माध्यम है। इसमें आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा है।

पढ़ें :- BREAKING: 6 फ़रवरी 2026 का हादसा - DJB के खोदे गड्ढे ने 25 वर्षीय युवक की ज़िंदगी छीन ली, लापरवाही पर विवाद तेज़

प्रधानमंत्री मोदी यहां महात्मा मंदिर, गांधीनगर में विभिन्न सहकारी संस्थानों के प्रमुखों के ‘सहकार से समृद्धि’ विषयक गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के किसान के हित में जो भी जरूरी हो, वो हम करते हैं, करेंगे और देश के किसानों की ताकत बढ़ाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत विदेशों से जो यूरिया मंगाता है इसमें यूरिया का 50 किलो का एक बैग 3,500 रुपये का पड़ता है। लेकिन देश में, किसान को वही यूरिया का बैग सिर्फ 300 रुपये का दिया जाता है। यानी यूरिया के एक बैग पर हमारी सरकार 3,200 रुपये का भार वहन करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के किसान को दिक्कत न हो इसके लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल 1.60 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी फर्टिलाइजर में दी है। किसानों को मिलने वाली ये राहत इस साल 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने वाली है।

Advertisement