Rajnath Singh : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व गति से प्रगति कर रही है। भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। दुनिया के कई बड़े देश जब आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं, तब भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 7.2 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ रही है। रक्षा मंत्री ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने करीब 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह भारत के व्यापारिक इतिहास में एक अनोखा मील का पत्थर है। इन समझौतों ने बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बाजार भारतीय निर्मित उत्पादों के लिए खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने बीते एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। यह संख्या दुनिया के कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी इसकी प्रशंसा की है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की आर्थिक वृद्धि में 16 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहा है। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, “12-13 साल पहले, करंट एकाउंट्स डेफिसिट, सकल घरेलू उत्पाद के 4 प्रतिशत से भी अधिक था। पिछले साल यह घटकर लगभग आधा प्रतिशत, यानी 0.61 प्रतिशत रह गया है। आज हमारे विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक हैं। हमारी बैंकिंग व्यवस्था आज सबसे मजबूत स्थिति में है।”
राजनाथ सिंह ने देश में नए उद्यमों की बढ़ती संख्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत में कुछ सौ स्टार्टअप ही हुआ करते थे, लेकिन अब देश में इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक हो गई है। 45 प्रतिशत से अधिक नए उद्यमों में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है। यानी नवाचार के अवसर अधिक लोगों तक पहुंच रहे हैं और नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, “2014 के बाद, जब भारत में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनी, हमें सेवा करने का अवसर मिला, तो भारत ने मोबाइल आँकड़ों को किफायती बनाने पर जोर दिया। यानी भारत में संपर्क सुविधा ने सिर्फ लोगों को नहीं जोड़ा, उसने अवसरों को भी जोड़ा है।”
रक्षा मंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता करीब 75 गीगावाट थी। आज यह लगभग 300 गीगावाट हो चुकी है। यानी भारत ने लगभग चार गुना अधिक क्षमता जोड़ी है। राजनाथ सिंह ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत वास्तविक समय में डिजिटल लेनदेन का वैश्विक केंद्र माना जाता है। देश में भुगतान और प्रक्रियाएं डिजिटल हो रही हैं। भारत कम कागज, कम नकदी और निर्बाध अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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उन्होंने कहा, “आप सभी एकीकृत भुगतान व्यवस्था (यूपीआई) से परिचित हैं। आपको आश्चर्य होगा कि केवल अगस्त महीने में रिकॉर्ड 23.66 अरब यूपीआई लेनदेन हुए हैं और इनका मूल्य 29.88 लाख करोड़ रुपए है। यह भी एक नया रिकॉर्ड है। आज यूपीआई की सुविधा कई देशों में भी पहुंच गई है।” रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह भारत के लिए गर्व की बात है कि जल्द ही स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयोग होने लगेगा। आज हमारे देश के वैज्ञानिक चंद्रयान और आदित्ययान की सफलता देख चुके हैं और मिशन गगनयान की तैयारी चल रही है।”
(आईएएनएस)
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