ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने यूसीसी का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि खासतौर पर मुसलमानों को टारगेट करके यूसीसी लाया जा रहा है। उन्होंने इस्लामिक कानून और एनसीईआरटी में आपातकाल चैप्टर पर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी और सीएम योगी आदित्यनाथ के मुहर्रम सुरक्षा संबंधी बयान पर टिप्पणी की। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि यूसीसी भाजपा के एजेंडे में शामिल है और वह चुनावी वादों में इस बात की जिक्र करती रही है। इसीलिए भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी कानून लाने का प्रयास जारी है। उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया जाएगा। लेकिन यह संविधान के खिलाफ है। संविधान के मुताबिक, जिस राज्य में यूसीसी लागू किया जाएगा, वहां की जनता से राय मांगी जाएगी। सभी समुदाय के लोगों की सहमति के बाद यूसीसी लागू किया जाएगा। जिन राज्यों में यूसीसी लागू है वहां एकतरफा है।
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उत्तराखंड में UCC लागू होते समय मुसलमान समुदाय से नहीं की गई बात : मौलाना रजवी
मौलाना ने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू होते समय जस्टिस रंजना देसाई की कमेटी ने मुसलमान समुदाय से बात नहीं की। लागू होने के बाद कबाइली, शेड्यूल ट्राइब और एससी/एसटी को अलग कर दिया गया। क्या ये लोग आबादी का हिस्सा नहीं हैं। यूसीसी कागज के पुलिंदों में बंद होकर रह जाएगा। खासतौर पर मुसलमानों को टार्गेट करके यूसीसी लाया जा रहा है। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के मुहर्रम सुरक्षा संबंधी बयान पर टिप्पणी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने त्योहारों में कानून व्यवस्था की बात कही है। कानून व्यवस्था तभी सुचारू रह सकता है जब सख्ती से पालन कराया जाए। इसलिए जहां भीड़ और हंगामा हो वहां सख्ती जरूरी है। आज मुहर्रम का आखिरी दिन है, लेकिन पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं भी हंगामा नहीं हुआ, शांति के साथ त्योहार मनाया जा रहा है, कहीं किसी तरह की शिकायत नहीं हुई। पुलिस और जिला प्रशासन की व्यवस्था बेहतर है।
मैं हुसैन दलवई की टिप्पणी के पक्ष में नहीं हूं : मौलाना रजवी
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई की एनसीईआरटी में आपातकाल चैप्टर पर की गई टिप्पणी पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने कहा कि मैं हुसैन दलवई की टिप्पणी के पक्ष में नहीं हूं। युवाओं को भारत के इतिहास और संस्कृति को जानने का पूरा अधिकार है। हुसैन दलवई की पार्टी के द्वारा आपातकाल की स्थिति दर्शाई गई है, यह एक तरह से उनके लिए आईना है। वह आईना देखना नहीं चाहते, जबकि अच्छे लोग अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं। एनसीईआरटी के जिम्मेदार लोगों ने कुछ गलत नहीं किया है, मैं इस कदम का स्वागत करता हूं।
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