अयोध्या। अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 नवंबर (गुरुवार) को कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के गठन के साथ ही 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके पहले सीएम योगी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद रामलला के दरबार में पहुंचे।
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अयोध्या तीर्थक्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी
बैठक में अयोध्या तीर्थक्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा हाथरस में दाऊजी लक्खी मेला को प्रांतीयकरण करने का निर्णय लिया गया। अयोध्या के सभी मेलों को प्रांतीयकरण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बुलंदशहर में गंगा मेला का प्रांतीयकरण व बनारस में देव दीपावली आयोजन का प्रांतीयकरण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
बैठक में प्रदेश मे महिला स्वयंसेवी समूहों को उनके ही ब्लॉक मे प्लांट लगाने के संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जबकि शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से बुलाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। कैबिनेट बैठक में अयोध्या के माझा जमथरा गांव में 25 एकड़ भूमि पर भारतीय मंदिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना का प्रस्ताव पास किया गया।
इसके अलावा इनलैंड वाटर-वे प्राधिकरण का गठन, मां पटेश्वरी देवीपाटन विकास परिषद का गठन, मुजफ्फरनगर में ‘शुकतीर्थ विकास परिषद’ का गठन व अयोध्या शोध संस्थान को अंतराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के रूप में विस्तारित करके स्थापित करने को मंजूरी दी गई।
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30,500 करोड़ से ज्यादा की 178 योजनाएं पहले से ही अयोध्या में चल रही
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के इतिहास में नया अध्याय जुड़ा है। यूपी सरकार की पूरी कैबिनेट अयोध्या धाम आई है। उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर आज अहम बैठक हुई। केंद्र और राज्य सरकार की 30,500 करोड़ से ज्यादा की 178 योजनाएं पहले से ही अयोध्या में चल रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारा संकल्प है कि अयोध्या को विश्व मानचित्र पर नई पहचान मिले। इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और आज भी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
यूपी के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अयोध्या में कैबिनेट बैठक से पहले कहा कि आज करीब 1000 साल बाद पीएम और सीएम ने अयोध्या का गौरव लौटाया है। यह शहर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल बनने जा रहा है। आज यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई फैसले लिए जाएंगे।