Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तराखंड
  3. “मां तो मां ही होती है: अपने बच्चे के लिए बाघ से भिड़ी ममता की मिसाल”

“मां तो मां ही होती है: अपने बच्चे के लिए बाघ से भिड़ी ममता की मिसाल”

By  

Updated Date

मां तो मां ही होती है: बाघ से भिड़ी एक मां की ममता की अनोखी कहानी

पढ़ें :- भारत जैसे देश में जिहाद की जरूरत नहीं, यह ईमान का देश : मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

भारत जैसे देश में जहां भावनाएं गहराई से जुड़ी होती हैं, वहां मां और बच्चे के रिश्ते की मिसालें अक्सर देखने को मिलती हैं। लेकिन हाल ही में एक गांव से आई घटना ने पूरे देश को चौंका दिया। एक मां ने अपने छोटे बच्चे को बचाने के लिए खुद को बाघ के सामने खड़ा कर दिया। यह घटना हमें याद दिलाती है कि एक मां की ममता में कितनी शक्ति होती है, जो किसी भी जानलेवा खतरे से टकरा सकती है।

 

घटना उत्तराखंड के एक छोटे से गांव की है। जब शाम का समय था और लोग अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे थे, तभी जंगल की ओर से एक बाघ गांव की ओर आ गया। उस समय एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ खेत से घर लौट रही थी। अचानक बाघ ने झाड़ियों से निकलकर उनके ऊपर हमला कर दिया।

 

पढ़ें :- सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से राष्ट्र की समृद्धि अक्षुण्ण रहती है: प्रधानमंत्री मोदी

मां ने पल भर में समझ लिया कि अगर वह डर गई तो उसका बच्चा नहीं बचेगा। बिना कुछ सोचे-समझे उसने अपने बच्चे को अपनी गोद में लेकर खुद बाघ के सामने खड़ी हो गई। बाघ ने पहले तो डराने की कोशिश की, लेकिन जब महिला डरी नहीं, तब वह हमला करने लगा। महिला ने डंडे और पत्थरों से बाघ का सामना किया। गांव के अन्य लोग भी आवाज सुनकर वहां पहुंच गए और बाघ भाग गया।

 

इस घटना के बाद महिला को कुछ चोटें आईं, लेकिन उसके बच्चे को खरोंच तक नहीं आई। यह ममता की वह मिसाल है जो हर किसी को भावुक कर देती है।

 

इस घटना ने सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलकर लोगों का ध्यान खींचा। हर कोई उस मां की बहादुरी की तारीफ कर रहा है। कई लोगों ने कहा कि “भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां बनाई।”

पढ़ें :- भगवान राम के प्रति आस्था को भुलाकर धन को ज्यादा महत्व दिया गया: सलमान खुर्शीद

 

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब जंगल से बाघ गांव में आया हो, लेकिन यह पहली बार है जब किसी ने इतनी बहादुरी दिखाई है। अब गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगल के किनारे पर फेंसिंग की जाए ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।

मां की ममता का जादू:

यह घटना हमें यह भी बताती है कि एक मां में सिर्फ ममता ही नहीं होती, बल्कि एक अद्भुत साहस और शक्ति भी होती है। चाहे वह जानवर हो या इंसान, जब बात उसके बच्चे की आती है, तो वह किसी के सामने नहीं झुकती। यह कोई काल्पनिक कथा नहीं, बल्कि भारत की सच्ची घटना है, जिसने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया है कि असली हीरो तो हमारे आस-पास ही होते हैं।

 

क्या कहता है समाज और प्रशासन:

पढ़ें :- टीएमसी के कई नेताओं के पास बहुत अधिक संपत्ति, अब कानून का सामना करना पड़ेगाः दिलीप घोष

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला की सराहना के साथ-साथ, सरकार से भी सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठी है। वन विभाग और प्रशासन को अब यह सोचने की जरूरत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित कैसे रखा जाए, खासकर जब जंगल इतने पास हों।

Advertisement