Rahul Gandhi : संसद का मानसून सत्र भले ही आज खत्म हो गया है, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलना जारी रखा है।✍️Arvind Kumar
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Rahul Gandhi : संसद का मानसून सत्र भले ही आज खत्म हो गया है, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलना जारी रखा है। गुरुवार को राहुल गांधी ने भाजपा-आरएसएस को जोकरों का झुंड बताते हुए कहा कि उन्हें भारत की कोई समझ नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के तरीके पर भी सवाल उठाया और कहा कि इसमें सिर्फ नेताओं को गले लगाना ही शामिल है।
दिल्ली में रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि आरएसएस अब अपनी मूल ताकत खो चुका है और बड़े पूंजीपतियों- अडाणी और अंबानी का एक जरिया बन गया है। सरकार की बात मानने वाले मीडिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह उनकी मजबूरियों को समझते हैं, लेकिन राष्ट्रीय भावना का मतलब यह है कि जोकरों के झुंड को हम पर राज न करने दिया जाए।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग में किसी तरह यह बात बैठ गई है कि विदेश नीति का मतलब नेताओं को गले लगाना है। इसके बाद उन्होंने मंच पर ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के प्रमुख संदीप दीक्षित को गले लगाकर मौजूदा सरकार की विदेश नीति पर तंज कसा। उन्होंने कहा, उन्हें यह ख्याल कहां से आया कि विदेश नीति का मतलब नेताओं को गले लगाना है?
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे तक कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, हम उन्हें जगाए रखेंगे। हम उन्हें पागल कर देंगे। राहुल ने साफ किया कि यह लड़ाई नफरत और हिंसा के जरिए नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, प्यार, भाईचारे और अहिंसा के साथ लड़ी जाएगी।
राहुल गांधी ने दावा किया कि आरएसएस अब बड़े पूंजीपतियों के प्रभाव में है। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने अपनी मूल अभिव्यक्ति बहुत पहले खो दी थी और अब वह अडाणी का जरिया बन गया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के दौर में आरएसएस का ‘कॉर्पोरेटाइजेशन’ हुआ है। उन्होंने नोटबंदी का जिक्र करते हुए भी आरएसएस पर निशाना साधा।
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राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस के लोगों को भारत की समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि 3000 साल पुराने भारत को समझने के लिए आज के भारत को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के भारत को समझने के लिए उसकी अभिव्यक्ति को समझना होगा।
राहुल गांधी यही नहीं रुके उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखेगी और प्रधानमंत्री मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि यह लड़ाई नफरत और हिंसा के बिना लड़ी जाएगी। राहुल ने कहा कि भारत की संस्कृति प्यार, भाईचारे और अहिंसा की है और विपक्ष सरकार से लगातार जवाब मांगता रहेगा।
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