मौजूदा समय में क्रिकेट और टेनिस दुनिया की सर्वाधिक खेलों में शुमार है। क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली और टेनिस के दिग्गज सर्बिया के नोवाक जोकोविच अच्छे दोस्त हैं। फिलहाल विंबलडन में हिस्सा ले रहे जोकोविच जल्द भारत आने और विराट कोहली के साथ क्रिकेट खेलने की बात कही है। जोकोविच ने जियोस्टार पर कहा, “मैं विराट कोहली के साथ कुछ क्रिकेट और टेनिस खेलना पसंद करूंगा। मैं जल्द ही इंडिया आने की योजना बना रहा हूं। हम इस बारे में बात कर रहे हैं। मुझे पता है कि विराट एक वैश्विक स्टार हैं, लेकिन खासकर भारत में, वह कमाल के हैं। मैं चाहूंगा कि वह मेरे मेजबान बनें और मुझे घुमाएं। मेरे मन में उनके और भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत सम्मान है।”
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मुझे उनके देश भारत में उनसे मिलकर अच्छा लगेगा : नोवाक जोकोविच
नोवाक जोकोविच ने कहा, “मैं सर्बिया से आता हूं, जहां क्रिकेट बड़ा खेल नहीं है। लेकिन मेरी टीम में कुछ लोग ब्रिटिश हैं, और उन्हें क्रिकेट पसंद है। इसलिए मैं पिछले 10 से 15 वर्षों से इस गेम के बारे में सीख रहा हूं। मुझे अभी भी अपनी क्रिकेट स्किल्स पर काम करने की जरूरत है। शायद विराट मेरी तकनीक और बैट स्विंग में मदद कर सकें। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान और प्रशंसा है। मुझे उनके देश भारत में उनसे मिलकर अच्छा लगेगा।” जोकोविच ने रविवार को खेले गए चौथे राउंड के मुकाबले में रोमन सफीउलिन को 7-6(6), 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर, न सिर्फ अगले राउंड में जगह बनाई, बल्कि पूर्व दिग्गज रोजर फेडरर के 105 विंबलडन पुरुष एकल जीत के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इस टूर्नामेंट के सबसे सफल एकल खिलाड़ी बने।
मैं हमेशा विंबलडन जीतना और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनना चाहता था : नोवाक जोकोविच
जोकोविच लगातार 9वीं बार विंबलडन क्वार्टर-फाइनल में पहुंचे हैं। विंबलडन में अपनी सफलता पर जोकोविच ने कहा, “विंबलडन में, मैंने जो भी हासिल किया है, वो मेरी विरासत है। मैंने यह कई बार कहा है, और मैं हमेशा इसके बारे में खुलकर बात करता रहा हूं। यह वह टूर्नामेंट था जिसे जीतने का सपना मैंने बचपन में देखा था। मैं हमेशा यहां अच्छा करना चाहता था, हमेशा विंबलडन जीतना और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनना चाहता था। 2011 में यह अनुभव करना मेरे लिए खुशी की बात थी। और फिर, कुल सात बार टूर्नामेंट जीतना और इतने सारे फाइनल में खेलना, यह एक अविश्वसनीय सफर रहा है।” उन्होंने कहा, “किसी वजह से, मैं हमेशा इस घास वाली सतह पर, खासकर सेंटर कोर्ट पर अपनी जिंदगी का सबसे अच्छा टेनिस खेलने में कामयाब रहा हूं। ऊर्जा, इतिहास, माहौल – यह सब मुझमें कुछ अलग लाता है। मैं इन मौकों को हल्के में नहीं लेता। अभी भी अपना और खेल का इतिहास लिख पाना, अभी भी इस स्तर पर प्रदर्शन कर पाना और एक और क्वार्टर-फाइनल में होना, यह बहुत मायने रखता है। उम्मीद है, मैं इस साल कम से कम कुछ और कदम आगे बढ़ पाऊंगा।” जोकोविच का अगला मुकाबला क्वार्टर-फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे या एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से होगा।
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Edited by : Ankit Singh
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