1. हिन्दी समाचार
  2. बड़ी खबर
  3. सावन का आखिरी सोमवार, शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम

सावन का आखिरी सोमवार, शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम

Sawan Last Somwar 2026 : श्रावण मास में पड़ने वाले चौथे और अंतिम सोमवार के मौके पर संगम नगरी प्रयागराज के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।✍️शोएब रिज़वी

By HO BUREAU 

Updated Date

Sawan Last Somwar 2026 : श्रावण मास में पड़ने वाले चौथे और अंतिम सोमवार के मौके पर संगम नगरी प्रयागराज के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु सिविल लाइन्स के हनुमत निकेतन स्थित विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर में स्थित एकादश रुद्र के स्वरुप में विराजमान भगवान भोले को प्रसन्न करने के लिए पहुंच रहे हैं।

पढ़ें :- दिल्ली में ‘बैटमैन’ बने राहुल गांधी! कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पोस्टर से सियासत गरम

श्रद्धालु गंगाजल, शहद और दूध से जलाभिषेक करने और भगवान भोले को कमल पुष्प, बेलपत्र, धतूरा और मदार अर्पित करने आ रहे हैं। श्रद्धालु भगवान भोले शंकर से पूरे देश में सुख समृद्धि की कामना भी कर रहे हैं।

इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हनुमत निकेतन मंदिर में स्थापित एकादश रुद्र का पंचगव्य से अभिषेक कर रहे हैं। श्रद्धालु लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं। सावन का पूरा महीना भगवान भोले शंकर का माना जाता है। लेकिन सावन में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व है। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़े हैं। सावन के सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं की ऐसी मान्यता और आस्था है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने और सच्चे मन से भगवान भोले की आराधना से सभी मनोकामनायें पूर्ण होती हैं।

यह भी पढ़ें : रांची में धरना-प्रदर्शन, जुलूस और रैली के लिए पहले लेनी होगी अनुमति

भगवान भोले की पूजा – अर्चना

सावन में सुहागिनें जहां अपने पति और बेटे की लम्बी उम्र के लिए भगवान भोले की पूजा – अर्चना करती है, वहीं कुंवारी कन्याओं द्वारा भगवान भोले की आराधना किए जाने से उन्हें अच्छे वर की प्राप्ति भी होती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए शिवालयों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस बार सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हुआ था। 28 अगस्त को श्रावणी उपकर्म यानि रक्षाबंधन के त्यौहार साथ श्रावण मास का समापन हो जाएगा।

पढ़ें :- बाबा रामदेव ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का किया समर्थन, बोले- शिक्षा और विकास को मिलेगी रफ्तार

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त सभी विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इन्हें केवल वेब पोर्टल पर प्रकाशन हेतु संपादित एवं व्यवस्थित किया गया है। मूल भाव, आशय एवं तथ्यों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस लेख में व्यक्त विचारों, मतों अथवा उनसे उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के लिए वेब पोर्टल अथवा उसके प्रकाशक किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होंगे।

✍️शोएब रिज़वी

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।

 

पढ़ें :- लिस्बन पहुंचा आईएनएस सुदर्शिनी, दुनिया को दे रहा है दोस्ती का संदेश

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com