अमिताभ बच्चन बने प्रेरणा, ससुर से लिया सबक
बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार ने हाल ही में एक बेबाक बयान देकर सबको चौंका दिया। इंडिया टुडे के साथ एक बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि उन्हें किन अभिनेताओं ने सबसे ज़्यादा प्रेरित किया, तो उन्होंने अमिताभ बच्चन, संजीव कुमार और महमूद का नाम लिया। लेकिन जैसे ही पूछा गया कि उन्होंने अपने ससुर राजेश खन्ना का नाम क्यों नहीं लिया, अक्षय का जवाब बेहद दिलचस्प था। उन्होंने कहा कि राजेश खन्ना से उन्होंने बहुत कुछ सीखा खासकर यह कि क्या नहीं करना चाहिए।
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बचपन में खन्ना के घर के बाहर खड़े रहते थे अक्षय
अक्षय ने एक भावुक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन में वे अपने पिता के साथ कार्टर रोड से गुज़रते थे और राजेश खन्ना के बंगले आशीर्वाद के बाहर खड़े होकर उनकी एक झलक पाने की कोशिश करते थे। पिता उन्हें कंधों पर बिठाते थे ताकि वे देख सकें। अक्षय ने इसे अपनी किस्मत बताया कि उसी सुपरस्टार की बेटी ट्विंकल खन्ना आज उनकी जीवनसंगिनी हैं।
सफलता और असफलता का असली पाठ
एक अन्य इंटरव्यू में अक्षय ने कहा था कि राजेश खन्ना ने उन्हें ज़िंदगी का सबसे बड़ा सबक दिया। उन्होंने बताया कि उनके ससुर ने हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी सफलता देखी और फिर एक तीखी गिरावट भी। इसी से उन्होंने सीखा कि शोहरत और कामयाबी को हमेशा एक हाथ की दूरी पर रखना चाहिए और बस काम करते रहना चाहिए।
राजेश खन्ना का उतार-चढ़ाव भरा करियर
राजेश खन्ना हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार थे। उन्होंने लगातार 17 एकल सुपरहिट फिल्में देकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो आज भी अटूट है। लेकिन 1970 के दशक में अमिताभ बच्चन के ‘एंग्री यंग मैन’ के किरदारों ने दर्शकों का दिल जीत लिया और राजेश खन्ना की लोकप्रियता में तेज़ी से गिरावट आई। वे खुद को नए दौर के हिसाब से नहीं ढाल पाए और फिल्मों के बाद टेलीविजन पर भी कोशिश की, लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली।
निष्कर्ष
अक्षय कुमार का यह बयान सिर्फ एक फिल्मी किस्सा नहीं, बल्कि एक गहरी जीवन दृष्टि है। राजेश खन्ना की कहानी से उन्होंने यह समझा कि सफलता के नशे में डूबना और खुद को न बदलना किसी भी करियर को तबाह कर सकता है। यही सोच अक्षय को आज भी ज़मीन से जोड़े रखती है और उनके लंबे करियर का राज़ भी शायद यही है।