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दिल्ली

देश में LPG गैस की किल्लत: किन राज्यों में बढ़ी परेशानी और आम लोगों पर क्या असर?

HO BUREAU

हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों से LPG (रसोई गैस) की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई शहरों में लोग सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार है, लेकिन आपूर्ति में अस्थायी बाधाओं के कारण कई राज्यों में परेशानी महसूस की जा रही है।

LPG Gas Shortage in the Country
LPG Gas Shortage in the Country
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हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों से LPG (रसोई गैस) की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई शहरों में लोग सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार है, लेकिन आपूर्ति में अस्थायी बाधाओं के कारण कई राज्यों में परेशानी महसूस की जा रही है।

किन राज्यों में दिख रही है गैस की किल्लत

रिपोर्ट्स के अनुसार देश के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर दिक्कतें सामने आई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • दिल्ली
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • कर्नाटक
  • केरल
  • तमिलनाडु

इन राज्यों में कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं और लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

लोगों को हो रही मुख्य परेशानियां

1. सिलेंडर के लिए लंबी कतारें

कई शहरों में लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई बार बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी हो रही है।

2. होटल और रेस्टोरेंट पर असर

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण कई होटल और ढाबों को परेशानी हो रही है। कुछ जगहों पर होटल बंद होने की स्थिति तक आ गई है।

3. खाने-पीने की चीजें महंगी

गैस की कमी के कारण कई जगहों पर चाय, नाश्ता और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं। कुछ रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू से कई चीजें हटानी भी शुरू कर दी हैं।

4. ब्लैक मार्केटिंग का खतरा

कुछ जगहों पर सिलेंडर की किल्लत का फायदा उठाकर ब्लैक मार्केट में गैस सिलेंडर महंगे दामों पर बेचे जाने की खबरें भी सामने आई हैं।

गैस की किल्लत की वजह क्या है

विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं:

  • मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
  • होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सप्लाई में बाधा
  • भारत का LPG के लिए आयात पर निर्भर होना

भारत अपनी कुल LPG खपत का लगभग 60% हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत पर भी पड़ता है।

सरकार ने क्या कदम उठाए

स्थिति को संभालने के लिए केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं:

  • रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
  • घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
  • जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर कार्रवाई
  • जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन जैसे केरोसिन और बायोमास का उपयोग

सरकार ने यह भी कहा है कि लोगों को घबराकर अधिक बुकिंग नहीं करनी चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।

क्या यह संकट लंबे समय तक रहेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है। सरकार नए स्रोतों से LPG आयात बढ़ाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सामान्य रहती हैं, तो आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।

✍️सपन दास   

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