India Voice Conclave 2026 : उत्तराखंड के देहरादून में इंडिया वॉइस का कॉन्क्लेव हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस की उत्तराखंड न्याय यात्रा से लेकर 2027 के चुनाव में मुख्यमंंत्री की दावेदारी तक कई मुद्दों पर बात की। हरीश रावत ने जन संवाद यात्रा पर बात करते हुए कहा कि ‘एक सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह जनता के बीच जाए और उनसे संवाद करे। मैं लंबे अंतराल के बाद लोगों के बीच आया हूं।
हरीश रावत ने कहा कि संगठन अपना काम करता है, लेकिन एक व्यक्ति के तौर पर हमारी भी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। परिवार में भी सभी लोग काम करते हैं, लेकिन हर व्यक्ति हमेशा एक जैसा काम नहीं कर सकता। अलग-अलग काम और जिम्मेदारियां होती हैं।
उन्होंने न्याय यात्रा पर बात करते हुए कहा कि जब पार्टी ने कहा कि हम यात्रा पर निकल रहे हैं, तो हमने कहा कि बहुत अच्छी बात है, हम भी इसमें शामिल होते हैं। हमने अपनी यात्रा को भी इसी से जोड़ दिया और पार्टी की यात्रा में शामिल हो गए। पार्टी ने इसे न्याय यात्रा का नाम दिया और हम भी उसमें शामिल हो गए। इसमें गलत क्या है?
हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं के सवाल पर कहा कि जब व्यक्ति मजबूत होगा, तभी वह पार्टी को भी मजबूत कर पाएगा। हर कार्यकर्ता को खुद को मजबूत करना चाहिए। पार्टी के रूप में हमें यह देखना चाहिए कि हर कार्यकर्ता मजबूत हो, उसका ज्ञान बढ़े और उसके काम करने का दायरा बढ़े। पार्टी कार्यकर्ताओं के दम पर ही बनती है। वहीं कार्यकर्ता पार्टी से ताकत और प्रेरणा लेता है। इसलिए दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। जब हर कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से खुद को मजबूत करेगा, तभी पार्टी भी मजबूत होगी। आखिरकार जो ताकत हमने हासिल की है, वह पार्टी के ही काम आएगी।
2027 के चुनाव में मुख्यमंंत्री की दावेदारी को लेकर हरीश रावत ने क्या कहा?
2027 के चुनाव में मुख्यमंंत्री की दावेदारी के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि आप क्या सोचते हैं? फिलहाल हमारा सिर्फ एक ही लक्ष्य है। किसी भी तरह हमें 45 सीटें हासिल करनी हैं। हमें 45 से ज्यादा सीटें चाहिए, क्योंकि अगर जनता हमें 45 से कम सीटें देती है, तो बदलाव का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। ऊपर भाजपा की सरकार है। कम सीटें मिलने पर वे सरकार को चलने नहीं देते। पिछली बार भी उन्होंने हमारी सरकार को नहीं चलने दिया था। करीब डेढ़ साल तक अस्थिरता के हालात बनाए गए। हम ऐसा नहीं चाहते।
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि हम 45 प्लस सीटों के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। इंडिया वॉइस के माध्यम से हम जनता तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि अगर आप स्थिरता और बदलाव चाहते हैं, तो कांग्रेस को 45 से ज्यादा सीटें दीजिए। मुझे लगता है कि जिस तरह लोग बदलाव चाहते हैं, उसे देखते हुए कांग्रेस को 45 सीटों का आंकड़ा पार करना चाहिए।
हरीश रावत ने कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी के बिना जन संवाद यात्रा शुरू करने के सवाल पर कहा कि ‘मेरी भी एक गलती थी, जब मैं वहां गया तो मुझसे कहा गया कि आपने मिलने का समय मांगा था। मैंने कहा कि हां, मुझे मिलने के लिए समय चाहिए था। पार्टी के नेता भी आपसे सहमत हैं। इसलिए इसके पीछे कोई दूसरी बात समझने की जरूरत नहीं है। इसके बीच की पंक्तियों में कुछ खोजने की जरूरत नहीं है। बात बिल्कुल सीधी है। एक कलाकार था, जो काफी प्रसिद्ध था। इस धरती के लोगों और देवी-देवताओं का उसे आशीर्वाद मिला। वह ढाई महीने बाद वापस लौटा, तो लोगों के बीच गया।’
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