Amit Shah in UP : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने लखनऊ में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन किया। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक की शुरुआत की।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जोश भरते हुए लगातार तीसरी बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत नाराजगी और आकांक्षाओं को पीछे छोड़कर संगठन की मजबूती के लिए जुटने तथा आगामी विधानसभा चुनाव को अपना चुनाव मानकर पूरी ताकत लगाने का आह्वान किया। अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की निरर्थक बयानबाजी का जवाब भाजपा 2027 में अपनी सरकार बनाकर देगी।
कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि सभी अपनी नाराजगी गोमती नदी में डालकर जाएं। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार को अंगद का पैर बनाए रखना है। चुनाव के दौरान वह बार-बार कार्यकर्ताओं के बीच आएंगे और उनके कामकाज का हिसाब भी पूछेंगे। इसलिए सभी अपना बही-खाता दुरुस्त रखें।
अमित शाह ने कहा कि सरकार की उपलब्धियां अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका कार्यकर्ता है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने विकास के लिए व्यापक काम किए हैं। अब इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संगठन की है। कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव को अपना चुनाव समझकर मैदान में उतरें और परिश्रम की पराकाष्ठा करते हुए 2027 में भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प लें।
कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी लगातार चुनाव हार रही है, जबकि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता हासिल करने में नाकाम रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि विपक्ष इसी तरह काम करता रहा तो आने वाले लंबे समय तक उसे सत्ता में वापसी का अवसर नहीं मिलेगा। अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश में भी भाजपा अगले 30 वर्षों तक मजबूत राजनीतिक स्थिति में बनी रहेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और निवेश के मुद्दे पर योगी सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश का माहौल बना है और इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के शासनकाल के कामकाज को मिला दिया जाए, तब भी योगी सरकार का एक कार्यकाल उनसे अधिक काम करने वाला साबित होगा।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारने में पूरी प्रतिबद्धता दिखाई है। प्रदेश में केंद्र की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हुआ है। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में है और जेवर में देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन रहा है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर गरीबों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए संसाधन उपलब्ध कराए, जबकि योगी सरकार ने पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया। इसके विपरीत सपा सरकार के दौरान गरीबों के हक का लाभ परिवार और अपने करीबी लोगों तक सीमित रखा गया।
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने जो संकल्प लिया, उसे पूरा करके दिखाया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के दौरान किसी तरह की बड़ी हिंसक स्थिति पैदा नहीं हुई। उन्होंने दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को भी दोहराया।
अमित शाह ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में दंगों की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता को यह बताने को कहा कि भाजपा के सत्ता में नहीं रहने की स्थिति में प्रदेश को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। राम मंदिर और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश से माफिया तंत्र को समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी।
‘पिछली सरकारों ने की तुष्टिकरण की राजनीति’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने तुष्टिकरण की राजनीति की और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो सका, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ। उन्होंने 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलाए जाने का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा।
अमित शाह ने कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले लोग आज किस मुंह से प्रदेश में सरकार बनाने की बात करते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता इस राजनीतिक इतिहास को कभी नहीं भूलेगी। वोट चोरी के विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा कि चुनाव में हार का सामना करने के बाद अब विपक्ष अपनी नाकामी का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रहा है। भाजपा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
‘देश की राजनीति में भाजपा ने लंबा सफर तय किया’
उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर एक-एक आरोप पर चर्चा की जा सकती है और भाजपा हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। अमित शाह ने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के राजनीतिक प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष जब चुनावी आंकड़ों के अहंकार में डूबा हुआ था, उस दौरान भाजपा ने कई राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की। उन्होंने ओडिशा में पहली बार भाजपा की सरकार बनने, अरुणाचल प्रदेश में जीत, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और असम में पार्टी की सफलता तथा दिल्ली में लंबे अंतराल के बाद भाजपा की सत्ता में वापसी का उल्लेख किया।
पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की राजनीतिक मजबूती का जिक्र करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विपक्ष के दावों से विचलित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए कहा कि राजीव गांधी के समय भाजपा का मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन पार्टी ने उन चुनौतियों को अपनी ताकत बनाया। आज नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की 22 राज्यों में सरकारें हैं। देश की राजनीति में भाजपा ने लंबा सफर तय किया है और इसके पीछे संगठन तथा कार्यकर्ताओं का समर्पण है।
अपने संबोधन में अमित शाह ने 2014 और 2017 के उत्तर प्रदेश चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रदेश में भाजपा के पास सीमित विधायक थे और संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने तहसील स्तर तक जाकर काम किया। संगठन के मजबूत होने का परिणाम यह रहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 41 प्रतिशत वोट हासिल करते हुए 73 सीटें जीतीं। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को करीब 40 प्रतिशत वोट के साथ 312 सीटों पर जीत मिली।
(आईएएनएस)
Disclaimer
इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।