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CM धामी ने इंडिया वॉइस के कॉन्क्लेव में की शिरकत, कहा – ‘उत्तराखंड में बढ़ रहा पर्यटन…’

HO BUREAU

India Voice Conclave 2026 : उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित इंडिया वॉइस कॉन्क्लेव में शिरकत की। इस दौरान धामी ने इंडिया वॉइस डिजिटल का री-लॉन्च किया।

India Voice Conclave 2026 : CM धामी ने इंडिया वॉइस के कॉन्क्लेव में की शिरकत, कहा - 'उत्तराखंड में बढ़ रहा पर्यटन...'
India Voice Conclave 2026 : CM धामी ने इंडिया वॉइस के कॉन्क्लेव में की शिरकत, कहा - 'उत्तराखंड में बढ़ रहा पर्यटन...'
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India Voice Conclave 2026 : उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित इंडिया वॉइस कॉन्क्लेव में शिरकत की। इस दौरान धामी ने इंडिया वॉइस डिजिटल का री-लॉन्च किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, सरकारी नौकरियों से लेकर कई विषय पर अपनी बात रखी। सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में काम करने के अवसर प्राप्त कर रही हैं।

CM धामी ने कहा कि ‘उन्होंने दंगों पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाया है। इसके साथ ही विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सख्ती बरतने और जनसांख्यिकीय बदलावों को रोकने के लिए भी कड़े प्रावधान किए हैं। राज्य के संचालन और उसके निर्माण में मातृशक्ति की बहुत बड़ी भूमिका रही है। पहाड़ की महिलाओं का जीवन बेहद कठिन होता है। उनके परिवार की पूरी व्यवस्था काफी हद तक उन्हीं के परिश्रम पर निर्भर रहती है। उन्होंने हर परिस्थिति में परिवार और समाज को संभालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।’

धामी ने कहा कि ‘आज उत्तराखंड में तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उनके द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से तैयार किए जा रहे उत्पादों की मांग देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बढ़ रही है।’

धामी ने एक विशेष बात का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को लेकर अपने संकल्प की बात कही थी, तब उन्होंने बाबा केदारनाथ धाम के दर्शन के बाद 5 नवंबर 2021 को कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।’

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री जब भी उत्तराखंड आते हैं, इस संकल्प को दोहराते हैं। वे कहते हैं कि बाबा केदार के आशीर्वाद और प्रेरणा से उनके मन में यह विचार आया था कि यह दशक उत्तराखंड का होगा।’

‘प्रदेश के उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान मिल रही’

धामी ने कहा कि ‘आज जब वे अपनी मातृशक्ति के प्रयासों, इच्छाशक्ति, मेहनत और समर्पण को देखते हैं, तो उनका विश्वास और मजबूत होता है कि उत्तराखंड को इस दशक में आगे ले जाने में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान होगा। आज महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान मिल रही है। इसी दिशा में उनकी सरकार ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की शुरुआत की है।’

धामी ने इंडिया वॉइस के इस मंच से कहा कि चैनल को देख रहे हजारों-लाखों दर्शक उत्तराखंड की माताओं, बहनों और बेटियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को जरूर देखें और उन्हें प्रोत्साहित करें। इन उत्पादों में सिलाई, बुनाई, मोटे अनाज यानी मिलेट्स से बने सामान, पूजा सामग्री, त्योहारों पर इस्तेमाल होने वाले वस्त्र, स्मृति चिह्न, हस्तशिल्प और महिलाओं द्वारा तैयार की गई शॉल सहित कई तरह के उत्पाद शामिल हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘इनकी गुणवत्ता बहुत अच्छी है और कीमत भी किफायती है। इन उत्पादों में इतनी क्षमता है कि ये बड़े-बड़े मल्टीनेशनल कंपनियों को भी प्रतिस्पर्धा दे सकते हैं, जब वे ये सारी बातें रख रहे हैं, तो उन्हें लगता है कि उनकी सरकार अपनी यात्रा की शुरुआत से काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन यह यात्रा यहीं रुकने वाली नहीं है, बल्कि लगातार जारी है। अभी बहुत सारे काम किए जाने बाकी हैं।’

धामी ने कहा कि विकास, नवाचार, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होना चाहिए। इनमें हमेशा सुधार की गुंजाइश रहती है। अगर संतुष्ट होकर बैठ जाएंगे, तो आगे बढ़ना बंद कर देंगे।

‘सरकारी पदों पर नियुक्तियां पारदर्शी’

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में लगभग 50 से 55 हजार सरकारी पदों पर नियुक्तियों की संभावनाएं हैं। इनमें से पिछले कुछ वर्षों में 35 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की गई है। ये नियुक्तियां बिना किसी नकल, बिना भ्रष्टाचार और बिना सिफारिश के पारदर्शी तरीके से की गई हैं। इससे सामान्य परिवारों के बेटे-बेटियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

धामी ने कहा कि अब यह संख्या बढ़कर लगभग 2,200 हो गई है, यानी तीन गुना से भी अधिक। प्रदेश में पहले करीब 4,000 होमस्टे थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 8,000 से अधिक हो गई है। यानी यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। प्रदेश में होटलों की संख्या में भी 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी, तब प्रदेश में पर्यटकों की संख्या करीब 1 करोड़ 94 लाख थी। अब यह बढ़कर 2 करोड़ 73 लाख से अधिक हो गई है।

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इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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