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रामगढ़ताल को मिलेगी आधुनिक फेरी की सौगात, आरामदायक यात्रा के साथ होगी खानपान की सुविधा

HO BUREAU

इस परियोजना की जिम्मेदारी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मेगावर्स एसोसिएट्स को सौंपी है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अक्षय आनंद और मनीष पांडेय के नेतृत्व में इस परियोजना को विकसित किया जाएगा। इसे रामगढ़ताल को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

रामगढ़ताल को मिलेगी आधुनिक फेरी की सौगात, आरामदायक यात्रा के साथ होगी खानपान की सुविधा
Ramgarh Tal to get a modern ferry service, offering a comfortable journey along with onboard food and beverage facilities.
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के मार्गदर्शन में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी के तहत गोरखपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल रामगढ़ताल जल्द ही जल पर्यटन के एक नए आकर्षण के रूप में विकसित होने जा रहा है। यहां 50 यात्रियों की क्षमता वाली आधुनिक कैटामरैन फेरी का निर्माण कराया जाएगा और इसका संचालन भी शुरू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य रामगढ़ताल पर पर्यटकों को आधुनिक जल पर्यटन का अनुभव उपलब्ध कराने के साथ इसकी खूबसूरती और आकर्षण को और बढ़ाना है।

इस परियोजना की जिम्मेदारी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मेगावर्स एसोसिएट्स को सौंपी है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अक्षय आनंद और मनीष पांडेय के नेतृत्व में इस परियोजना को विकसित किया जाएगा। इसे रामगढ़ताल को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

परियोजना के तहत आधुनिक कैटामरैन फेरी के साथ सुविधाओं से युक्त जेटी का भी विकास किया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि रामगढ़ताल को एक आकर्षक और सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में तैयार किया जा सके।

इस परियोजना से गोरखपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को गति मिलने और शहर की पर्यटन के क्षेत्र में पहचान को और मजबूती मिलने की संभावना है।

आधुनिक सुविधाओं के साथ रामगढ़ताल में मिलेगा लग्जरी बोटिंग का अनुभव

रामगढ़ताल में प्रस्तावित कैटामरैन फेरी को यात्रियों के आराम और आधुनिक पर्यटन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। 50 यात्रियों की क्षमता वाली इस फेरी में पूरी तरह वातानुकूलित व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सफर के दौरान लोगों को खाने-पीने यानी फूड एवं बेवरेजेज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

आधुनिक डिजाइन और आकर्षक सुविधाओं से युक्त यह फेरी रामगढ़ताल की प्राकृतिक छटा को निहारने का एक नया जरिया बनेगी। इसके जरिए परिवारों, दूसरे शहरों से आने वाले सैलानियों और स्थानीय लोगों को पानी के बीच सुकूनभरी यात्रा का अनुभव मिल सकेगा। इस पहल से रामगढ़ताल में जल पर्यटन अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनने की उम्मीद है।

गोरखपुर में ही तैयार की जाएगी आधुनिक कैटामरैन फेरी

रामगढ़ताल परियोजना की खास बात यह है कि प्रस्तावित फेरी का निर्माण बाहर के बजाय गोरखपुर में ही किया जाएगा। इस काम के लिए कुशल नेवल आर्किटेक्ट, तकनीकी विशेषज्ञों और अनुभवी फैब्रिकेटर की टीम को लगाया जाएगा। मेगावर्स एसोसिएट्स को जल पर्यटन और वाटर बॉडीज से जुड़ी परियोजनाओं में काम करने का अनुभव है। कंपनी गोरखपुर और अयोध्या में वेसल निर्माण से संबंधित कार्य भी कर चुकी है। अब इसी अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर रामगढ़ताल में आधुनिक फेरी के निर्माण और उसके संचालन की जिम्मेदारी निभाई जाएगी।

गोरखपुर में ही निर्माण कार्य होने से स्थानीय स्तर पर कुशल और तकनीकी श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही मरीन और वेसल निर्माण से जुड़े तकनीकी कौशल को विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए बनेंगी दो आधुनिक जेटी

रामगढ़ताल में फेरी सेवा के संचालन को सुचारु बनाने के लिए दो आधुनिक जेटी विकसित की जाएंगी। यहां पर्यटकों की जरूरतों को देखते हुए प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, किचन एवं फूड प्रिपरेशन एरिया और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इन सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटकों को टिकट खरीदने से लेकर फेरी का इंतजार करने और उसमें सवार होने तक बेहतर व्यवस्था मिलेगी। साथ ही, जेटी के निर्माण से रामगढ़ताल में जल पर्यटन की गतिविधियों को अधिक सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

ताल की स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान

रामगढ़ताल के प्राकृतिक स्वरूप और साफ-सफाई को सुरक्षित रखने के लिए इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई है। फेरी और जेटी के संचालन के दौरान जीरो वेस्ट डिस्पोजल नीति का पालन किया जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत किसी भी तरह का ठोस या अन्य कचरा सीधे रामगढ़ताल में नहीं फेंका जाएगा। इसके बजाय सभी प्रकार के अपशिष्ट को पहले एकत्र किया जाएगा, फिर उनका अलग-अलग वर्गीकरण कर अधिकृत माध्यम से निस्तारण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य जल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ताल की स्वच्छता और प्राकृतिक पर्यावरण को भी बनाए रखना है।

✍️Satyam Kushwah

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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