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अयोध्या में 10वें दीपोत्सव को लेकर UPSTDC की खास सौगात, CM योगी के मार्गदर्शन में तैयारियां तेज

HO BUREAU

इस विशेष यात्रा के माध्यम से पर्यटकों को गाइड की अगुवाई में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़े प्रमुख मंदिरों, घाटों और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। टूर पैकेज की शुरुआत 1 नवंबर से होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए हर दिन दो बैच चलाए जाएंगे। पहला बैच सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक और दूसरा बैच दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगा।

अयोध्या में 10वें दीपोत्सव को लेकर UPSTDC की खास सौगात, CM योगी के मार्गदर्शन में तैयारियां तेज
UPSTDC’s special offering for the 10th Deepotsav in Ayodhya, preparations intensify under the guidance of CM Yogi.
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Lucknow: अयोध्या में दीपोत्सव के दशक को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामनगरी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) ने एक नई पहल की है। इसके तहत एक दिवसीय ‘अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल’ टूर पैकेज शुरू किया जा रहा है।

इस विशेष यात्रा के माध्यम से पर्यटकों को गाइड की अगुवाई में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़े प्रमुख मंदिरों, घाटों और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। टूर पैकेज की शुरुआत 1 नवंबर से होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए हर दिन दो बैच चलाए जाएंगे। पहला बैच सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक और दूसरा बैच दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं में 14 कोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु यह परिक्रमा आस्था और भक्ति की अभिव्यक्ति के रूप में पूरी करते हैं। ‘अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल’ के जरिये योगी सरकार इस आध्यात्मिक अनुभव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहती है। साथ ही, रामायण सर्किट में अयोध्या की महत्ता को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

टूर पैकेज में अयोध्या के इन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के होंगे दर्शन

‘अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल’ की शुरुआत लता मंगेशकर चौक से होगी। यहां से पर्यटकों को सबसे पहले रामायण वैक्स म्यूजियम ले जाया जाएगा। संग्रहालय में भगवान श्रीराम, माता सीता और रामायण के अन्य प्रमुख पात्रों की मोम से तैयार प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी। इनके माध्यम से रामायण के विभिन्न प्रसंगों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

इसके बाद यात्रा में सूर्य कुंड, गिरिजा कुंड और पंचमुखी महादेव मंदिर को शामिल किया गया है। पर्यटकों को गुप्तार घाट, झुनकी घाट, लक्ष्मण किला और शेषावतार मंदिर के दर्शन भी कराए जाएंगे। इसके अलावा स्वर्गद्वार, राम की पैड़ी और नागेश्वरनाथ मंदिर भी इस धार्मिक भ्रमण का हिस्सा होंगे।

इस पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ यहां की पौराणिक मान्यताओं, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से जान सकेंगे। इस छह घंटे के टूर का अंतिम पड़ाव सरयू नदी का तट होगा, जहां सरयू आरती का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे और पूजा-अर्चना के साथ भक्ति गीतों के बीच मां सरयू की आरती होगी। धार्मिक आयोजन संपन्न होने के बाद सभी पर्यटकों को वापस लता मंगेशकर चौक पहुंचाया जाएगा। इसी के साथ अयोध्या की छह घंटे की यह आध्यात्मिक यात्रा पूरी होगी।

टूर की बुकिंग कैसे करें? जानें पूरी प्रक्रिया

‘अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल’ पैकेज के तहत यात्रियों के लिए सभी निर्धारित पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए एसी वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा के दौरान स्थानीय टूर गाइड या कोऑर्डिनेटर भी मौजूद रहेंगे। वे पर्यटकों को रास्ते में आने वाले स्थलों के इतिहास, धार्मिक महत्ता और उनसे जुड़ी खास जानकारियों से अवगत कराएंगे। हालांकि, इस पैकेज में होटल में ठहरने और खाने-पीने का खर्च शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में पर्यटकों को इन व्यवस्थाओं का इंतजाम खुद करना होगा।

इस यात्रा का हिस्सा बनने के इच्छुक श्रद्धालु और पर्यटक उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की आधिकारिक वेबसाइट upstdc.co.in पर जाकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा बुकिंग और पैकेज से संबंधित अधिक जानकारी के लिए 8130966118 नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए भी आसान होगा अयोध्या भ्रमण: अमृत अभिजात

UPSTDC के अध्यक्ष अमृत अभिजात ने बताया कि ‘अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल’ को इस तरह डिजाइन किया गया है, जिससे पर्यटक एक दिन में गाइड के साथ रामनगरी के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सैर कर सकें। इस टूर पैकेज से विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को सुविधा मिलेगी। लंबी धार्मिक यात्राओं के दौरान इन्हें अक्सर अकेले आने-जाने और विभिन्न स्थानों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इस पहल के जरिए धार्मिक पर्यटन को अधिक सरल, सुलभ और आरामदायक बनाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, पर्यटकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व से रूबरू कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।

✍️आलोक गुप्ता

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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