Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट के साझा ‘बेस्ट चीफ मिनिस्टर सर्वे 2026’ में पहला स्थान प्राप्त किया है। सर्वे में उन्हें 1000 में से 897 अंक दिए गए हैं। इस सर्वे के नतीजों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को शामिल 15 मुख्यमंत्रियों में सबसे अधिक अंक मिले हैं।
यह सर्वे मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता, काम करने के तरीके, जनता के बीच स्वीकार्यता और शासन से जुड़े विभिन्न मानकों को ध्यान में रखकर किया गया। इसके आधार पर सभी शामिल मुख्यमंत्रियों का मूल्यांकन किया गया। सर्वे की श्रेणियों के तहत पहले दस स्थान हासिल करने वाले मुख्यमंत्रियों को ‘बेस्ट चीफ मिनिस्टर’ कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, 11वें से 15वें स्थान तक आने वाले मुख्यमंत्रियों को ‘मुख्यमंत्री पंचरत्न’ की विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है।
तीन चरणों में हुआ सर्वे
फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट की साझेदारी में ‘बेस्ट चीफ मिनिस्टर सर्वे 2026’ की प्रक्रिया करीब तीन से चार महीने तक चली। इस दौरान मुख्यमंत्रियों के कामकाज को लेकर जनता की सोच, अलग-अलग क्षेत्रों के जानकारों की राय और आम लोगों के व्यक्तिगत अनुभवों को समझने के लिए सर्वे को तीन चरणों में पूरा किया गया।
सर्वे के पहले चरण में सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्रियों को लेकर सामने आई प्रतिक्रियाओं, चर्चाओं, खबरों और जनमत का विश्लेषण किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी जानी-मानी हस्तियों, बुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों के विचारों एवं आकलन को सर्वे का हिस्सा बनाया गया।
तीसरे और अंतिम चरण में आम नागरिकों से सीधे बातचीत की गई। इस दौरान उनके अनुभवों, विचारों और मुख्यमंत्रियों के कामकाज को लेकर नजरिए को समझा गया।
तीनों चरणों से जुटाए गए आंकड़ों और प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करने के बाद कुल 10 तय मानकों पर मुख्यमंत्रियों का आकलन किया गया। प्रत्येक मानक पर मिले अंकों को मिलाकर 1000 अंकों के आधार पर अंतिम रैंकिंग तैयार की गई।
दस मानदंडों के आधार पर हुआ मूल्यांकन
‘बेस्ट चीफ मिनिस्टर सर्वे 2026’ में मुख्यमंत्रियों की कार्यप्रणाली और नेतृत्व क्षमता का विश्लेषण करने के लिए दस प्रमुख आधार तय किए गए थे। इनमें सुशासन, कानून-व्यवस्था, व्यक्तित्व, छवि, कार्यक्षमता, प्रभाव, विभागों की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता और कार्यशैली एवं परिणाम को शामिल किया गया।
सुशासन के तहत प्रशासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता को जांचा गया। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर नागरिकों की सुरक्षा, अपराध पर अंकुश और कानून के पालन को प्रमुख आधार बनाया गया था।
इसके साथ ही मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व गुण, जनता से संवाद करने की क्षमता, निर्णय लेने का तरीका और लोगों के बीच उनकी विश्वसनीयता का भी आकलन किया गया। सर्वे में प्रशासनिक कुशलता, सरकारी नीतियों का असर, विभागों की कार्यप्रणाली की समझ, जनसमर्थन, भविष्य की योजनाओं और शासन के दौरान प्राप्त उपलब्धियों को भी महत्व दिया गया।
रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 881 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा 874 अंक प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे।
✍️आलोक गुप्ता
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