नई दिल्ली, 09 जुलाई। उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों से होकर गुजरने वाले अमरनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। कल शाम बादल फटने की घटना के चलते रास्ते में बने यात्रियों के टेंट बह गये थे। साथ ही इस दुर्घटना के कारण यात्रा में आने वाले करीब 16 श्रदालुओं की मृत्यु हो गई। फिलहाल आईटीबीपी की टीम के जवानों ने बताया कि उनकी सेना द्वारा यात्रा से करीब 15 हजार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
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आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडेय ने कहा कि घायल मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है। बाढ़ की वजह से पवित्र गुफा क्षेत्र के पास फंसे अधिकांश श्रद्धालुओं को पंजतरणी में भेज दिया गया है।
हालात को देखते हुए स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, कश्मीर ने कर्मचारियों के सभी अवकाश रद्द कर दिए और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है।
इस हादसे में मलबे में दबने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 यात्री लापता हैं। इस हादसे में 65 लोग घायल हुए हैं. आंकड़ा बढ़ सकता है. हेल्पलाइन नंबर- एनडीआरएफ: 011-23438252 011-23438253 कश्मीर संभागीय हेल्पलाइन: 0194-2496240 श्राइन बोर्ड हेल्पलाइन: 0194-2313149 जारी किए गए हैं। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि यह घटना बादल फटने की वजह से नहीं हुई है।
Following the unfortunate cloudburst near the Amarnath shrine cave, #IAF helicopter and transport aircraft have commenced operations to airlift #NDRF personnel to the site and rescue the pilgrims. pic.twitter.com/OnhyVK6or7
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— Indian Air Force (@IAF_MCC) July 9, 2022