Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. Austria Avalanche: ऑस्ट्रिया में इस हफ्ते के अंत में हिमस्खलन में कम से कम आठ लोगों की मौत

Austria Avalanche: ऑस्ट्रिया में इस हफ्ते के अंत में हिमस्खलन में कम से कम आठ लोगों की मौत

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

Austria Avalanche: ऑस्ट्रिया में इस सप्ताह के अंत में हिमस्खलन में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में सात स्कीयर भी शामिल हैं। तेज हवा और भारी बर्फबारी के कारण यहां हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल की छुट्टियों के दौरान वियना में स्की रिसॉर्ट फुल रहते हैं। टायरॉल और वोरार्लबर्ग क्षेत्रों के अधिकारियों ने कहा है कि हवा और बर्फबारी के कारण हिमस्खलन का खतरा अधिक है।

पढ़ें :- Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ से लेकर देश तक गूंजा ‘वंदे मातरम्’

सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा, ऑस्ट्रियाई ब्रॉडकास्टर ओआरएफ ने कहा कि टायरॉल राज्य के शमिरन नगरपालिका में शनिवार को हुए हिमस्खलन में मारा गया व्यक्ति 58 साल का स्थानीय नागरिक था. पुलिस ने कहा कि उसी प्रांत में एक 42 वर्षीय ऑस्ट्रियाई पर्वतारोही और स्की-गाइड और चार स्वीडिश स्कीयर मारे गए थे, जब स्विट्जरलैंड के साथ सीमा पर स्पिस शहर के पास एक हिमस्खलन आया था. तो वहीं, 43 साल के स्वीडन के रहने वाले व्यक्ति को बचा लिया गया.

तीसरी घटना में दो ऑस्ट्रियाई स्कीयर मारे गए. पुलिस ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं ने शनिवार की सुबह दो ऑस्ट्रियाई स्कीयर्स के शव और पाए, जिनमें एक पुरुष और एक महिला शामिल है. इन लोगों के रिश्तेदारों ने संपर्क करके बताया था कि इन लोगों से बात नहीं हो पा रही है और इसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया.

पिछले साल भी हुआ था हिमस्खलन

इससे पहले पिछले साल दिसंबर के महीने में क्रिसमस के आसपास हिमस्खलन में 10 लोग लापता हो गए थे. इन्हें बचाने के लिए एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया गया था. ये हिमस्खलन 2,700 मीटर ऊंचे ट्रिटकोफ पर्वत पर ज़ुएर्स और लेच एम अर्लबर्ग के बीच हुआ, और कैस्केडिंग बर्फ पास के स्की ट्रेल्स तक पहुंच गई.

पढ़ें :- आसमान में दीवारें: पाकिस्तान का भारतीय विमानों पर प्रतिबंध दसवें महीने में प्रवेश

हिमस्खलन क्रिसमस के दिन बेमौसम गर्म मौसम के बाद हुआ. स्थानीय पर्वतीय बचाव सेवा ने हिमस्खलन के खतरे को बताया था. अधिकारियों ने कहा कि अंधेरा छा जाने के बाद राहत बचाव कार्य जारी रखने के लिए सर्चलाइट लगाई गई थी. साथ ही लापता लोगों को खोजने के लिए कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था.

Advertisement