बांग्लादेश में 13वां आम चुनाव 12 फरवरी 2026 को हुआ यह चुनाव 2024 में हुए बड़े छात्र-आंदोलन और शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पहला लोकतांत्रिक चुनाव था। 15 साल तक सत्ता में रहने वाले आवामी लीग को इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतारा गया, जिससे राजनीतिक दशा में एक बड़ा बदलाव आया।
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बांग्लादेश में 13वां आम चुनाव 12 फरवरी 2026 को हुआ यह चुनाव 2024 में हुए बड़े छात्र-आंदोलन और शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पहला लोकतांत्रिक चुनाव था। 15 साल तक सत्ता में रहने वाले आवामी लीग को इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतारा गया, जिससे राजनीतिक दशा में एक बड़ा बदलाव आया। इस चुनाव में लगभग 127.7 मिलियन लोग मतदाता थे, जो देश के लोकतंत्र के लिए एक सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास के रूप में दर्ज हुआ।
बंगबंधु के स्वतंत्रता आंदोलन के बाद वर्षों तक विभाजित राजनीति के बीच इस बार तारिक रहमान की अगुवाई वाली Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने दमदार बहुमत हासिल किया। कुल 299 सीटों में BNP ने लगभग 209 सीटें जीतीं। पार्टी के गठबंधन सहित यह संख्या और बढ़कर 212 सीटों तक पहुंची। सबसे बड़ा विरोधी समूह Bangladesh Jamaat‑e‑Islami दूसरे स्थान पर रहा, जिसने लगभग 68 सीटें जीतीं। इस तरह BNP को स्पष्ट लैंडस्लाइड जीत मिली, और यह लगभग 20 साल बाद सत्ता में वापसी थी।
17 फ़रवरी 2026 को तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में औपचारिक शपथ ली। राष्ट्रपति मोहमम्मद शाहाबुद्दिन ने उन्हें राष्ट्रीय संसद भवन के दक्षिणी भाग में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
रहमान ने लगभग 18 माह के संक्रमण काल के बाद सत्ता ली है, जब बरसों से चली आ रही एक महिला-प्रधान सरकार गिरने के बाद अन्तरिम सरकार संचालन में थी।
यह BNP का नेतृत्व में पहला पूर्ण कार्यकाल है, और रहमान को 5 साल के लिए प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।
यह चुनाव देश के लिए काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि:
आलोचकों और कई अंतरराष्ट्रीय मतदाताओं ने बांग्लादेश के चुनाव को ज्यादा प्रतिस्पर्धात्मक और विश्वसनीय बताया, और कई देशों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना की।
रहमान ने शपथ के बाद राष्ट्रीय एकता और सामाजिक स्थिरता पर जोर दिया, साथ ही आर्थिक सुधार, भ्रष्टाचार-रोधी उपाय और लोकतंत्र को मज़बूत करने का वादा किया।
2026 के बांग्लादेश आम चुनाव ने देश की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ ला दिया।
ये संकेत देते हैं कि बांग्लादेश अब एक नई राजनीतिक दिशा, साहसिक बदलाव और लोकतंत्र के मजबूती की राह पर आगे बढ़ रहा है।