बसपा सुप्रीमो समय समय पर राजनितिक रूप से सपा पर निशाना साधा है। वे कई बार कह चुकी हैं कि समाजवादी पार्टी भाजपा को नहीं हरा सकती है।
पढ़ें :- धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल, अखिलेश यादव बोले- चुनाव की तारीख घोषित होते ही हार जाएगी भाजपा
1. यूपी के मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा की हुई जीत किन्तु रामपुर विधानसभा उपचुनाव में श्री आज़म ख़ान की ख़ास सीट पर योजनाबद्ध कम वोटिंग करवा कर सपा की पहली बार हुई हार पर यह चर्चा काफी गर्म है कि कहीं यह सब सपा व भाजपा की अन्दरुनी मिलीभगत का ही परिणाम तो नहीं?
— Mayawati (@Mayawati) December 11, 2022
पढ़ें :- 'Cyclone Arnab' को लेकर UP में अलर्ट, 28 से 31 अक्टूबर तक बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
मुस्लिम सपा को समर्थन करने के बारे में एक बार विचार करें। बृहस्पतिवार को उपचुनाव के नतीजों के बाद मायावती ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। इस बार उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि सपा और भाजपा मिली हुई हैं।
2. इस बारे में ख़ासकर मुस्लिम समाज को काफी चिन्तन करने व समझने की भी ज़रूरत है ताकि आगे होने वाले चुनावों में धोखा खाने से बचा जा सके। खतौली विधानसभा की सीट पर भाजपा की हुई हार को भी लेकर वहाँ काफी सन्देह बना हुआ है, यह भी सोचने की बात है।
— Mayawati (@Mayawati) December 11, 2022
पढ़ें :- कभी यूपी में निवेश से कतराते थे उद्योगपति, आज 50 लाख करोड़ के प्रस्ताव : CM योगी
बसपा प्रमुख मायावती ने दो हिस्सों में ट्वीट किया जिसमें से पहले भाग में उन्होंने लिखा, “यूपी के मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा की हुई जीत किन्तु रामपुर विधानसभा उपचुनाव में आज़म ख़ान की ख़ास सीट पर योजनाबद्ध कम वोटिंग करवा कर सपा की पहली बार हुई हार पर यह चर्चा काफी गर्म है कि कहीं यह सब सपा व भाजपा की अन्दरुनी मिलीभगत का ही परिणाम तो नहीं?”
उन्होंने ट्वीट के अगले भाग में कहा, इस बारे में ख़ासकर मुस्लिम समाज को काफी चिन्तन करने व समझने की भी ज़रूरत है ताकि आगे होने वाले चुनावों में धोखा खाने से बचा जा सके। खतौली विधानसभा की सीट पर भाजपा की हुई हार को भी लेकर वहाँ काफी सन्देह बना हुआ है, यह भी सोचने की बात है।