Vadodara: एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड गुजरात के वडोदरा में संयुक्त उद्यम द्वारा विकसित की जाने वाली सुविधा में C-295 विमान का निर्माण करेंगे। सामरिक सैन्य विमानों के लिए निर्माण सुविधा का निर्माण रविवार को शुरू किया जाएगा, और पीएम नरेंद्र मोदी संयंत्र के निर्माण की शुरुआत के लिए औपचारिक आधारशिला रखेंगे।
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पिछले साल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय वायु सेना के लिए एयरबस से 56 C-295MW सैन्य परिवहन विमान लगभग 22,000 करोड़ रुपये में खरीदने की मंजूरी दी थी, इस शर्त के साथ कि उनमें से 40 भारत में बनाए जाएंगे। यह घोषणा की गई थी कि अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के 48 महीनों के भीतर पहले 16 विमान स्पेन से फ्लाईवे की स्थिति में खरीदे जाएंगे, और बाकी 40 एयरबस के सहयोग से टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के नेतृत्व में एक संघ द्वारा भारत में निर्मित किए जाएंगे।
Defence secretary ने कहा कि सुविधा की स्थापना का शिलान्यास समारोह 30 अक्टूबर को होगा और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। पिछले साल सितंबर में भारत ने वायुसेना के पुराने एवरो-748 विमानों के स्थान पर 56 सी-295 परिवहन विमान की खरीद के लिए एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ करीब 21,000 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
बात दें की, इस परियोजना के तहत पहली बार किसी निजी कंपनी द्वारा सैन्य विमान का निर्माण भारत में किया जाना है। इस एग्रीमेंट के तहत एयरबस चार साल के भीतर सेविले, स्पेन में अपनी अंतिम असेंबली लाइन से उड़ान की स्थिति में पहले 16 विमान की आपूर्ति करेगी। इसके बाद 40 विमान भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (टीएएसएल) द्वारा निर्मित और ‘असेंबल’ किए जाएंगे।
एयरक्राफ्ट की खासियत
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सी-295 एयरक्राफ्ट करीब 6 टन का पेयलोड ले जा सकता है और करीब 11 घंटे तक उड़ान भर सकता है. एयरबस कंपनी के मुताबिक, सी295 विमान एक साथ 71 सैनिक या फिर 50 पैराट्रूपर्स को एक साथ युद्ध-मैदान में ले जाने में सक्षम है. भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल मीडियम-लिफ्ट वजन के जो एवरो एयरक्राफ्ट हैं वे काफी पुराने पड़ चुके हैं, उनकी जगह लेंगे सी-295 एयरक्राफ्ट.
इसमें त्वरित प्रतिक्रिया और सैनिकों और कार्गो के पैरा ड्रॉपिंग के लिए एक रियर रैंप दरवाजा है. शॉर्ट टेक-ऑफ इसकी एक और विशेषता है. विमान भारतीय वायुसेना की रसद क्षमताओं को मजबूत करेगा.