लखनऊ, 01 फ़रवरी। कोरोना महामरी के चलते लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को लेकर अब मामला गर्म होता नजर आ रहा है। प्रदेश के विद्यालयों के बंद होने से अब विद्यालय मैनेजरों में आक्रोश पनपने लगा है। इसको लेकर मंगलवार को सीबीएसई एसोसिएशन के मैनेजर एसोसिएशन ने लोकभवन पर प्रदर्शन किया और जल्द विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू करने के आदेश देने की अपील की।
पढ़ें :- महिला सदस्य के रूप में डॉ.मीनाक्षी भराला का कार्यकाल बढ़ा, सितंबर 2027 तक रहेगा पद
प्राइवेट विद्यालय के कर्मचारी और मैनेजमेंट हैं परेशान
एसोसिएशन का कहना था कि पिछले वर्ष भी विद्यालयों के बंद होने से प्राइवेट विद्यालय के कर्मचारी और मैनेजमेंट परेशान है। कर्मचारियों को देने भर के लिए पैसा नहीं मिल पा रहा है। बहुतेरे अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय से ड्राप आउट करा चुके हैं। इस वर्ष किसी तरह विद्यालय पटरी पर लौट रहे थे कि फिर विद्यालयों को बंद करा दिया गया। मैनेजर संघ के सदस्यों का कहना था कि जल्द ही विद्यालयों के नियमित संचालन की अनुमति दी जाय।
चुनाव में सहयोग ना देने का अल्टीमेटम
इसके अलावा एसोसिएशन ने यहां तक चेतावनी दे डाली है कि अगर जल्द ही स्कूलों को खोलने का आदेश नहीं दिया गया तो प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन देश भर में विरोध प्रदर्शन करेगा। साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों में ना ही मतदान के लिए स्कूल मुहैया कराया जाएगा और ना ही निर्वाचन अधिकारियों के लिए स्कूलों के वाहन दिए जायेंगे।
पढ़ें :- UP News : CM योगी बोले - 2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार
स्कूल प्रशासन का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान बाजार, सिनेमा घर, शॉपिंग कंपलेक्स जैसी सभी चीजें खुली हैं पर सिर्फ विद्यालयों को ही बंद रखा गया है। ऐसे में सरकार जल्द ही स्कूल खोलने का आदेश नहीं देती है तो चुनाव में स्कूल प्रशासन किसी भी तरह का कोई सहयोग नहीं करेगा।