Delhi : दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान एवं पावन माटी कलश वितरण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वाराणसी से लाई गई पवित्र माटी दिल्ली के हर जिले, बस्ती और घर तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं समानता, सम्मान और भाईचारे का संदेश देती हैं और इन्हीं मूल्यों के आधार पर सामाजिक समरसता को मजबूत करना जरूरी है।
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वाराणसी से दिल्ली पहुंची समरसता संकल्प यात्रा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वाराणसी की पवित्र भूमि से शुरू हुई समरसता संकल्प यात्रा अब दिल्ली पहुंच चुकी है और इसे राजधानी के सभी जिलों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने इस पहल के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इसका उद्देश्य संत रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है।
हर घर पहुंचेगी पावन माटी
रेखा गुप्ता ने कहा कि पवित्र कलश की रज दिल्ली के प्रत्येक घर और बस्ती तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह माटी सिर्फ मिट्टी नहीं, बल्कि संत रविदास जी के विचारों, उनके सामाजिक कार्यों और मानवता के लिए दिए गए मार्गदर्शन का प्रतीक है। इसके माध्यम से लोगों तक संत रविदास जी का संदेश और आशीर्वाद पहुंचाया जाएगा।
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समानता और सम्मान का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाओं का सार समानता, सम्मान और भाईचारे में है। समाज में न कोई छोटा है और न कोई बड़ा, बल्कि हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि 650वीं जयंती के अवसर पर यह अभियान इन मूल्यों को आत्मसात करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर जोर
रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के जरिए समानता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी इन्हीं मूल्यों के आधार पर विकास कार्य कर रही है। सामाजिक समरसता, समानता और सम्मान की मजबूत भावना ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का आधार बनेगी।
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