Excise liquor policy case: प्रवर्तन निदेशालय ने आज दिल्ली, पंजाब और हैदराबाद में 35 स्थानों पर नए सिरे से छापेमारी शुरू की, जो अब समाप्त हो चुकी दिल्ली शराब नीति में कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच को गहरा कर रही है। इससे पहले सितंबर में 2 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में पहले भी कई बाद देश भर में सीबीआई और ईडी छापेमारी कर चुकी है. इसके बाद विजय नायर और समीर महेंद्रू को ईडी ने गिरफ्तार किया था. इसी मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर और बैंक लॉकर की तलाशी भी ली गई थी।
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आपको बता दें कि वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी की छापेमारी पर ट्वीट करके कहा कि “500 से अधिक छापे, 3 महीने से 300 से अधिक सीबीआई / ईडी अधिकारी 24 घंटे काम कर रहे हैं – एक मनीष सिसोदिया के खिलाफ सबूत खोजने के लिए। कुछ नहीं मिल रहा। क्योंकि कुछ किया ही नहीं।” केजरीवाल ने कहा कि अपनी गंदी राजनीति के लिए इतने अधिकारियों का समय बर्बाद किया जा रहा है. ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?
500 से ज़्यादा रेड, 3 महीनों से CBI/ED के 300 से ज़्यादा अधिकारी 24 घंटे लगे हुए हैं- एक मनीष सिसोदिया के ख़िलाफ़ सबूत ढूँढने के लिए। कुछ नहीं मिल रहा। क्योंकि कुछ किया ही नहीं
अपनी गंदी राजनीति के लिए इतने अधिकारियों का समय बर्बाद किया जा रहा है। ऐसे देश कैसे तरक़्क़ी करेगा? https://t.co/VN3AMc6TUd
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 7, 2022
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आपको बता दें कि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एफआईआर के अनुसार इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू ने मनीष सिसोदिया के सहयोगियों को दो बार में करोड़ों रुपए भुगतान किए गए थे. वहीं सीबीआई की एफआईआर में आरोप है कि मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी अर्जुन पांडे ने इंटरटेनमेंट और इवेंट मैनेजमेंट कपंनी के पूर्व सीईओ विजय नायर की ओर से समीर महेंद्रू से करीब 2-4 करोड़ रुपये नकद पैसे लिए थे.
वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एजेंसी को जांच के दौरान दिल्ली शराब घोटाले के लिंक आंध्र प्रदेश और पंजाब से भी जुड़ने के संकेत मिले हैं. इसके बाद ईडी उन ठिकानों पर रेड मारकर सबूत इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक समीर महेंद्रू से पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आई हैं. यह छापेमारी राजनीति से जुड़े कुछ लोगों, शराब कारोबारियों और पूर्व अधिकारियों के घर पर की गई है. एलजी विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश पर दिल्ली में शराब नीति में कथित घोटाले को लेकर सीबीआई ने केस दर्ज किया था. इसके बाद में ईडी ने भी जांच शुरू की थी. इस मामले में जांच एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपी बनाया था. इसके बाद से सीबीआई और ईडी लगातार छापेमारी कर सबूत इकट्ठा करने का प्रयास कर रही है.