Uttarkhand Nakal Virodhi Kanoon: उत्तराखंड में जल्द ही देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू होने वाला है. प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है.प्रदेश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने को लेकर कड़े कानून बनाये हैं.धामी सरकार ने उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023, नकल विरोधी कानून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया. सरकार के इस अध्यादेश में दोषियों के विरूद्ध सख्त प्रावधान किए गए हैं.
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इसमें नकल माफिया को उम्रकैद, 10 करोड़ तक जुर्माना और नकल माफिया से मिलकर नकल करने वाले अभ्यर्थियों को भी 10 साल तक की जेल का प्रावधान किया गया है. अगर राजभवन इस पर 12 फरवरी से पहले मुहर लगा देता है तो यह कानून पटवारी-लेखपाल भर्ती से ही लागू हो जाएगा.
युवाओं से किए गए वादे के अनुरूप हमारी सरकार ने देश का सबसे सख्त "नकल विरोधी कानून" लाने का फैसला किया है।
इस हेतु संबंधित अध्यादेश को मैंने अपनी अनुमति प्रदान कर अग्रेतर कार्यवाही के लिए भेज दिया है।
हम नकल माफिया को प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नही करने देंगे।
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— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 9, 2023
आजीवन कारावास और दस करोड़ रूपये तक की सजा
प्रतियोगी परीक्षा अध्यादेश 2023 के अंतर्गत अगर कोई व्यक्ति, प्रिंटिंग प्रेस, सेवा प्रदाता संस्था, मैनेजमेंट, कोचिंग संस्थान अनुचित साधनों में लिप्त पाए जाते हैं तो उसके लिए आजीवन कारावास की सजा और 10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है. अगर कोई शख्स संगठित रूप से परीक्षा कराने वाली संस्था के साथ साजिश करता है तो भी आजीवन कारावास की सजा और 10 करोड़ का जुर्माना देना होगा.
प्रतियोगी परीक्षा अध्यादेश 2023 के लागू होने के बाद छात्र अगर नकल करते या कराते पकड़ा गया तो उसे तीन साल कारावास और पांच लाख तक जुर्माना देना पड़ सकता है. और वह छात्र दोबारा पकड़ा गया तो उसे कम से कम 10 साल की सज़ा और 10 लाख तक के जुर्माना देना पड़ सकता है.
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गैर जमानती जुर्म बना पेपर लीक, संपत्ति कुर्क होगी
प्रदेश में अब नकल का जुर्म संज्ञेय, गैर जमानती बन जाएगा. इसके अलावा नकल माफिया अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर जो भी संपत्ति अर्जित करेंगे, उसे सरकार कुर्क कर लेगी.