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भाजपा कैसे चार दशकों में बनी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी

By इंडिया वॉइस 

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नई दिल्ली (विकास आर्य): भारतीय राजनीति के इतिहास में बीते चार दशकों में भाजपा ने अपनी सशक्त पहचान बनाई है। चार दशकों में भाजपा में कई उतार-चढ़ाव आए पर पार्टी अपने मिशन की ओर अग्रसर रही। भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल, 1980 में की गई। पार्टी 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा गठित जनसंघ से उभरी थी। 1977 में तत्कालीन कांग्रेस प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान जनता पार्टी बनाने के लिए जनसंघ को अन्य दलों के साथ विलय करना पड़ा। करीब तीन सालों के बाद 1980 में जनता पार्टी भंग हो गई और इसके बाद सभी सदस्यों ने अटल बिहार वाजेपयी की अध्यक्षता में भाजपा का गठन किया।

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बीते दिनों भाजपा ने अपना 42वां स्थापना दिवस मनाया। आपको बता दें कि इस समय भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। भाजपा के 1.4 अरब से अधिक लोगों के देश पर शासन करती है। भारत के 18 राज्यों में पार्टी ने अपनी सरकार बनाई है।

पार्टी ने कैसे तय किया 2 से 303 सीटों तक का सफर

1984 में, भाजपा ने एक स्वतंत्र पार्टी के रूप में अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा और केवल दो सीटों के साथ अपना खाता खोला। इसी वर्ष कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन के सामने उनकी उपलब्धि काफी कम आंकी गई।

लेकिन भाजपा के दो नेताओं (आंध्र प्रदेश से चंदूपतला जंग रेड्डी और गुजरात से एके पटेल) की शानदार जीत ने पार्टी को आने वाले वर्षों में तत्कालीन शक्तिशाली कांग्रेस से मुकाबला करने के लिए एक बड़ी आधारशिला प्रदान कर दी थी।

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इसके बाद के आम चुनाव (2004 और 2009 को छोड़कर) में जनता ने भाजपा पर भरोसा किया और पार्टी ने अपनी सीटों पर लगातार वृद्धि की। वर्ष 1989 में पार्टी ने 85 सीटें जीतीं और 1991 में भाजपा दोहरे अंक को भी पार कर गई।

इसके बाद वर्ष 2014 और 2019 में, पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, पार्टी ने निचले सदन में अपने दम पर बहुमत हासिल किया। 2019 में भाजपा ने पहली बार 300 का आंकड़ा पार किया। इस समय तक भाजपा देश की एक मुख्य राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी थी।

2014 और 2019 में, भाजाप का वोट शेयर 30% से अधिक हो गया, जिसका अर्थ है कि वोट डालने वाली 3 में से 1 जनता ने भाजपा को सत्ता में लाने के लिए चुना।

भाजपा के उभरने का सबसे ज्यादा खामियाजा कांग्रेस ने उठाया

जैसे-जैसे भाजपा मजबूत होती गई, वहीं उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस ने राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में लगातार गिरावट देखी।

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कई दशकों तक भारत पर शासन करने वाली कांग्रेस ने 1984 में लोकसभा में 415 के उच्च स्तर को देखा था, लेकिन 2014 तक ये आंकड़ा घटकर केवल 44 पर पहुंच गया। 2019 के चुनावों में, पार्टी निचले सदन में मात्र 52 सीटें हासिल करने में सफल रही।

पिछले दो लोकसभा चुनावों में भाजपा जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है ठीक उतनी ही तेजी से कांग्रेस पीछे की ओर जा रही है। कांग्रेस ने अपने राजनीतिक इतिहास में जहां रिकॉर्ड तोड़ निचले स्तर को देखा तो वहीं भाजपा ने सफलता की ऊंचाइयों को छुआ।

राज्यों की ओर नजर डाले तो पता चला है कि भाजपा हाल में करीब 18 राज्यों की सत्ता पर आसीन है, जिसमें से 12 राज्यों पर वह अपने दम पर सरकार चला रही है, जबकि 6 राज्यों में अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन कर सरकार चलाने में भागीदार बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पास छत्तीसगढ़ और राजस्थान राज्य की सत्ता हैं।

भाजपा के कुशल नेतृत्व

भाजपा अपने चार दशकों कार्यकाल में कई कुशल नेतृत्व के द्वारा ही आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आगे आपको बताया गया है कि पार्टी को किन राजनेताओं ने एक सफल और कुशल नेतृत्व प्रदान किया।

दोनों सदनों में भाजपा की सत्ता

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राज्यों में अपना विस्तार करने के बाद, भाजपा पहली बार राज्यसभा में 100 के आंकड़े पर पहुंचने में सफल रही है। लेकिन जल्द ही भाजपा की संख्या एक बार फिर 100 से नीचे गिर जाएगी, ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा के चार सदस्य सेवानिवृत्त होने वाले हैं। फिलहाल 53 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं।

245 सदस्यीय सदन में बहुमत से काफी कम होने के बावजूद, भाजपा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है क्योंकि 2014 के चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लोकसभा में बहुमत के लिए नेतृत्व किया था।

2014 में राज्यसभा में भाजपा की ताकत 55 थी और तब से लगातार बढ़ रही है क्योंकि पार्टी ने कई राज्यों में सत्ता हासिल की है।

दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल

हाल के वर्षों में भारत में भाजपा की तेजी ने इसे एक बड़ी राजनीतिक पार्टी में बदल दिया है।

आज, भाजपा दावा करती है कि उसके 18 करोड़ सदस्य हैं, इस तरह यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का दर्जा रखती है। भाजपा चीन की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से लगभग दोगुनी है, चीनी कम्युनिस्ट दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है।

भारतीय कांग्रेस की तुलना में भाजपा के पास लगभग दस गुना सदस्य हैं।

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भाजपा की संगठनात्मक ताकत देश में फैले हुए उसके विशाल कैडर नेटवर्क से आती है। इसके साथ ही भाजपा ने हाल के वर्षों में महत्वाकांक्षी सदस्यता अभियान भी चलाये हैं। इसकी सदस्या लेने के लिए पार्टी ने ऑनलाइन नामांकन जैसी पहल भी शुरू की है।

भाजपा का सदस्यता अभियान व मजबूत कैडर आधार बनाए रखना उसकी दूरदर्शिता को दर्शाता है। इसकी की वजह से पार्टी चुनावों में जीत प्राप्त कर पाती है।

जानें कौन सी पार्टी किस पायदान पर हैं

         पार्टी                                               देश                            सदस्यों को संख्या 

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