Banda : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के युवाओं और पारंपरिक उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने और रोज़गार के नए रास्ते खोलने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में जनपद बांदा के युवाओं और उद्यमियों के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, बांदा द्वारा संचालित ‘एक जनपद एक उत्पाद’ वित्तपोषण हेतु सहायता योजना के तहत नए प्रतिष्ठान की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तारीकरण के लिए ऋण और रियायती छूट के आवेदन शुरू हो चुके हैं।
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योगी सरकार के इस फैसले से विशेषकर बांदा के प्रसिद्ध सोहन हलवा और बालूशाही निर्माताओं में भारी उत्साह है जिन्हें अब अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा मौका मिलेगा।
बिना शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता के सुगम हुई लोन प्रक्रिया
योगी सरकार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को इतना सरल और सुगम बना दिया गया है कि अब आगे बढ़ने के लिए किसी डिग्री या बड़ी पढ़ाई की मजबूरी नहीं रह गई है। विभागीय आधिकारियों के इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी प्रकार की शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता नहीं रखी गई है। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
इसके अलावा, योजना का लाभ निष्पक्षता से हर घर तक पहुंचाने के लिए नियम बनाया गया है कि आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही मिलेगा और उन्होंने पूर्व में किसी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो।
50 लाख रुपये तक की मिलेगी सब्सिडी
बांदा के विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार परियोजना लागत के आधार पर सब्सिडी दे रही है। जहां 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर लागत का 25% या अधिकतम 6.25 लाख रुपये की छूट दी जा रही है। इसके अवाला 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजना पर लागत का 10% या अधिकतम 6.25 लाख रुपये की छूट दी जा रही है, वहीं 50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर लागत का 20% या अधिकतम 10.00 लाख रुपये की छूट दी जा रही है। इसके अलावा 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना पर लागत का 10% या अधिकतम 50.00 लाख रुपये की छूट सरकार देगी।
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कम अंशदान और विशेष श्रेणियों को भारी राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए अंशदान की शर्तों को बेहद आसान बनाया गया है। सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का केवल 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा, वहीं योगी सरकार ने विशेष श्रेणी जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन के लाभार्थियों को सबसे बड़ी राहत देते हुए इस अंशदान को घटाकर केवल 5 प्रतिशत कर दिया है। जो बांदा के औद्योगिक विकास के लिए आने वाले समय में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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